ऐसा नहीं है कि फ्रांसीसी साप्ताहिक अखबार चार्ली हेब्डो को लोग उसकी व्यंग्यात्मक शैली की वजह से सिर्फ पसंद ही करते हों, इसे गालियां देने वालों की भी कमी नहीं है। उसके पन्ने अश्लील कैरीकेचर और कार्टूनों से अटे पडे़ होते हैं, जो लोगों को भड़काने का काम करते हैं। धार्मिकता पर चोट करने में तो उसे महारत हासिल है।
उसके निशाने पर राजनीतिज्ञ से लेकर अभिनेता और मीडिया जगत की बड़ी हस्तियां अक्सर रहती ही हैं। अखबार को अक्सर पेरिस की अदालतों में देखा जाता है, जहां उस पर लोगों की छवि खराब करने और समाज में वैमनस्यता फैलाने के आरोप लगाए जाते हैं।
यही नहीं अखबार पर अभिव्यक्ति की आजादी का बेजा इस्तेमाल करने का भी आरोप समय-समय पर लगता रहा है। इस अखबार के निशाने पर दुनिया भर के तमाम धर्म रहे हैं। फ्रांस एक धर्मनिरपेक्ष देश है, जहां हर समुदाय को अपने धर्म को मानने की आजादी मिली हुई है।