यहां मारे गए आतंकियों को रीति-रिवाजों से कब्र में दफ्न होना भी नसीब न होगा। इनका अंतिम संस्कार कराने से ब्रिटेन के इमामों ने इनकार कर दिया है। इन्होंने घोषणा की है कि कि वे पारंपरिक तरीके से इन आतंकियों का अंतिम संस्कार नहीं कराएंगे और न ही नमाजे जनाजा ही पढ़ाएंगे। इन लोगों का कहना है कि इन आतंकियों ने इस्लाम के खिलाफ जाकर गुनाह किया है, निर्दोषों का खून बहाया है।
ऐसे में ये लोग पारंपरिक तरीके से अंतिम संस्कार पाने का हक भी नहीं रखते है। इन सभी ने कहा कि इन लोगों ने जो गुनाह किया है वह किसी भी कीमत पर माफी योग्य नहीं है। उनकी गतिविधियां इस्लाम के तालीम के अनुरूप नहीं है। तमाम मुस्लिम धर्मगुरुओं ने लंदन आतंकी हमले की कड़ी निंदा की।
इस बीच, लंदन आतंकी हमले में शामिल दो हमलावरों के घरों के आसपास नया तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। लंदन पुलिस का कहना कि शनिवार देर रात हुए हमले के बाद से इस बार्किंग इलाके से 12 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था, जिनको बाद में रिहा कर दिया गया।