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फर्जी कॉल के झांसे में केट का अस्पताल

Thu, 06 Dec 2012 05:41 PM IST
बीबीसी हिंदी
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गर्भवती डचेज ऑफ कैम्ब्रिज केट मिडलटन का इलाज कर रहा अस्पताल एक फर्जी फोन कॉल के झांसे में आ गया और उनके स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी एक ऑस्ट्रेलियाई रेडियो स्टेशन को दे दी।
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दो ऑस्ट्रेलियाई प्रस्तोताओं ने ब्रितानी महारानी और प्रिंस चार्ल्स बन कर केंद्रीय लंदन के किंग एडवार्ड सप्तम अस्पताल में फोन किया और अस्तपाल के कर्मचारी ने समझा कि सच में शाही परिवार से फोन आया है।

अस्पताल का कहना है कि गोपनीयता का गंभीरता से ख्याल रखा गया लेकिन टेलीफॉन प्रोटोकॉल की समीक्षा हो रही है। वहीं टूडे एफएम नाम के रेडियो स्टेशन का कहना है कि उन्हें इस बात की हैरानी है कि वो पकड़े नहीं गए, लेकिन वे इसके लिए “इमानदारी से माफी मांगते हैं”।
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अस्पताल को चकमा
विलियम और कैथरीन के प्रवक्ता ने कहा कि वो इस फर्जी फोन कॉल के बारे में कुछ नहीं कहेंगे। बताया जाता है कि सिडनी के इस रेडियो स्टेशन के प्रस्तोताओं ने मंगलवार को अस्पताल के कर्मचारियों को विश्वास दिया कि वो शाही परिवार से बोल रहे हैं और फिर उनकी बात डचेज की निजी नर्स से करा दी गई और इस तरह कैथरीन की सेहत से जुड़ी ताजा जानकारी रेडियो स्टेशन तक पहुंच गई।

उधर बुधवार को प्रिंस विलियम अपनी पत्नी से मिलने अस्पताल पहुंचे और बाद में कैथरीन की बहन पिपा और भाई जेम्स भी वहां पहुंचे। जब से कैथरीन अस्पताल में भर्ती हुई हैं, तब से प्रिंस विलियम रोज उन्हें देखने जाते हैं।

नए नहीं फर्जी कॉल्स
अस्पताल के प्रवक्ता ने बताया, “ये फोन वॉर्ड के जरिए ट्रांसफर की गई थी जिसके बाद एक नर्स के साथ संक्षिप्त बातचीत हुई। किंग एडवार्ड सप्तम अस्पताल को इस बात का गहरा अफसोस है।”

वैसे इस अस्पताल में महारानी, ड्यूक ऑफ एडिनबरा और डचेज ऑफ कॉर्नवेल का भी इलाज हो चुका है। और शाही परिवार इससे पहले भी इस तरह की फर्जी फोन कॉल्स के निशाने पर रहा है।

1995 में कनाडा के एक प्रस्तोता ने खुद को कनाडा का प्रधानमंत्री ज्यौं क्रेस्टेन बता कर फोन किया और उनकी बात महारानी से करा दी गई। तब महारानी बकिंघम पैलेस में थीं।
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