इटली में संविधान संशोधन के लिए हुए जनमत संग्रह में इटली के पीएम रेनजी की हार हुई है। हार के बाद रेनजी ने पद से इस्तीफे की घोषणा कर दी है। सरकार संविधान में बड़े परिवर्तन के लिए जनता की राय जानने के लिए जनमत संग्रह करवा रही थी। लेकिन इटली के लोगों ने इसे नकार दिया और राजनीतिक यथास्थिति को अस्वीकार करने वाला दूसरा देश बन गया क्योंकि इसको काफी हद तक ब्रेक्जिट के तौर पर ही लिया जा रहा था।
इटली के प्रधानमंत्री मैटिओ रेनजी का कहना था कि अगर रविवार के मतदान में संशोधन को नकार दिया जाता है तो वह इस्तीफा दे देंगे और विपक्षी नेता नई सरकार के गठन का दावा कर सकते हैं। मतदान से पहले राजनीतिक अस्थिरता के खतरे पर बाजार से प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई थीं। बैंक शेयर गिर गए और संप्रभु ऋण पर उधार लेने की लागत में बढ़ोत्तरी हुई थी।
जनमत संग्रह का लक्ष्य सीनेट की शक्तियों को कम करके इटली के बोझिल कानून प्रक्रिया को कारगर करना है। जबकि यह क्षेत्रों से कुछ महत्वपूर्ण फैसले लेने की शक्तियों को हटाने के लिए भी है। मतदान 16 घंटों के लिए रविवार को सुबह सात बजे शुरू हुआ था।