दक्षिणी इतालवी द्वीप लाम्पेदूज़ा के तट के निकट नाव डूबने के हादसे में मारे गए लोगों के शवों की तलाश हेलिकॉप्टरों और विमानों के ज़रिए की जा रही है।
ख़राब मौसम के चलते गोताखोरों को काम में दिक्कतें आ रहीं हैं। अब तक 111 शव बाहर निकाले जा चुके हैं और 155 लोगों को ज़िंदा बचाए गए है। अभी भी 200 लोग लापता हैं।
हादसे का शिकार ये नाव लीबिया के मिसराता बंदरगाह से रवाना हुई थी। नाव में इरीट्रिया और सोमालिया से आ रहे करीब पांच सौ लोग सवार थे।
लाम्पेदूज़ा द्वीप के पास नाव की मोटर बंद हो गई और इसमें पानी भरना शुरू हो गया। पास से गुज़र रहे अन्य जहाजों का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए कुछ लोगों ने नाव में आग जला दी जो जल्द ही पूरी नाव में फैल गई।
आग फैलने के कारण लोग सभी लोग नाव के एक छोर पर इकट्ठे हो गए। सारा वज़न एक कोने पर होने की वजह से नाव डूब गई।
बाद में, नाव के 35 वर्षीय ट्यूनीशियाई कप्तान को गिरफ़्तार कर लिया गया। बाद में पता चला कि उन्हें अप्रैल में ही इटली से प्रत्यर्पित किया गया था।
अब तक मिले शवों में 58 पुरुष, 49 महिलाएं और दो बच्चे हैं। इतालवी अधिकारियों के मुताबिक मारे गए लोगों में महिलाओं की तादाद ज़्यादा हो सकती है। जिंदा निकाले गए 155 लोगों में से सिर्फ आठ ही महिलाएँ हैं।
अधिकारियों के मुताबिक अगले कुछ घंटों में खोजबीन शुरू कर दी जाएगी।
इतालवी कोस्टगॉर्ड के प्रवक्ता फिलिप्पो मारिनी ने कहा, "अगर मौसम में सुधार होता है तो हमारे गोताख़ोर खोजबीन में जुटने के लिए तैयार हैं।"
शुरु में खोजबीन के अभियान को लाम्पेदूज़ा द्वीक के रैबिट आइलैंड तक ही सीमित किया गया था लेकिन अब इसे चार नॉटिकल मील तक फ़ैला दिया गया है।
गोताखोरों के मुतबिक डूबी हुई नाव सतह से करीब 150 फुट नीचे पड़ी नाव का दृश्य हृद्य विदारक है।