दक्षिणी इतालवी द्वीप लाम्पेदुसा के तट के निकट अफ़्रीकी प्रवासियों को ले जा रही एक नाव डूब जाने से 82 लोगों की मौत हो गई है।
द्वीप के मेयर के अनुसार 140 लोग बचाए जा चुके हैं जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं।
जब यात्रियों ने नाव को डांवाडोल होते देखा तो उनमें से कई समुद्र में ख़ुद ही कूद गए।
इतालवी अधिकारियों के अनुसार दर्जनों लोग अब भी पानी में फँसे हैं।
इस हफ़्ते की शुरुआत में सिसली पहुँचने की कोशिश में 13 लोग डूब गए थे।
भयावह दृश्य
ख़बरों के अनुसार नाव डूबने से पहले पहले उस पर आग लग गई थी। बताया जा रहा है कि उस नाव पर लगभग 500 लोग सवार थे।
स्थानीय मीडिया के मुताबिक़ मारे गए लोगों में एक बच्चा और एक गर्भवती महिला भी शामिल है।
परिवहन मंत्री मॉरिज़ियो लुपी ने रॉयटर्स को बताया, "लाम्पेदुसा में जो भयानक त्रासदी हुई है वह किसी के भी लिए असह्य है।"
द्वीप के मेयर गिउसी निकोलिनी ने दृश्य को काफ़ी 'भयावह' बताया।
रोम में मौजूद बीबीसी संवाददाता एलन जॉन्सटन के अनुसार साल में इस समय भूमध्य सागर आम तौर पर शांत होता है और अफ़्रीका तथा मध्य पूर्व से प्रवासियों को लेकर इस समय अक़सर नावें आती हैं।
मगर आम तौर पर नावों में क्षमता से ज़्यादा लोग भरे होते हैं और वे समुद्र में जाने लायक़ नहीं होतीं।
हमारे संवाददाताओं के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में इस तरह नाव डूबने से बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं।
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि 2012 में यूरोप पहुंचने की कोशिश में लगभग 500 लोग समुद्र में डूबकर मारे गए या लापता हो गए।