PM Modi in Davos for World Economic Forum
पड़ोसी चीन का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि भारत ने कभी राजनीतिक और भौगोलिक महात्वाकांक्षा नहीं पाली। वह किसी भी देश के प्राकृतिक संसाधनों का शोषण नहीं करता है बल्कि उस देश के लिए उसके साथ मिलकर उसका विकास करता है। यही वजह है कि भारतीय ऋषियों और मनीषियों ने ‘सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया’ यानी सब प्रसन्न हो और सब स्वस्थ हो का सपना देखा और उसे साकार करने का रास्ता भी दिखाया।
जीएसटी का भी जिक्र
उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के 70 साल के इतिहास में पहली बार देश में एक एकीकृत टैक्स व्यवस्था के रूप में जीएसटी को लागू किया गया है। पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए टेक्नोलाजी का प्रयोग किया जा रहा है। पूरी दुनिया इसका स्वागत कर रही है। भारत में डेमोक्रेसी, डेमोग्राफी और डाइनामिज्म मिलकर डेवलपमेंट को जमीन पर उतार रहे हैं। ये बदलाव 125 करोड़ भारतीय की अपेक्षाओं और उनकी परिवर्तन को स्वीकर करने की क्षमता का यशोगान है।