फ्रांस के पश्चिमोत्तर तट स्थित परमाणु ऊर्जा संयंत्र में विस्फोट होने से हड़कंप मच गया। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इस विस्फोट से रेडिएशन के लीक होने का खतरा नहीं है, लेकिन इसकी चपेट में आने से पांच लोगों को सांस देने की दिक्कत से जूझना पड़ रहा है। यह विस्फोट फ्लामनविले परमाणु संयंत्र के इंजन रूम में हुआ, जो चेरबर्ग बंदरगाह से 25 किमी दूरी पर स्थित है।
स्थानीय अधिकारी जैक्स वितकोवस्की ने बताया कि यह परमाणु दुर्घटना नहीं है। संयंत्र के परमाणु जोन के बाहर एक वेंटिलेटर फटा है। इसकी चपेट में आने से पांच लोगों को सांस लेने में समस्या हो रही है। हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ है।
उन्होंने बताया कि विस्फोट के फौरन बाद संयंत्र के दो प्रेसराइज्ड वाटर रिएक्टर्स बंद कर दिए गए। साथ ही घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं। फ्लामनविले प्लांट में नई तीसरी पीढ़ी का रिएक्टर ईपीआर भी बनाया जा रहा है। 2018 के आखिरी तक इसका संचालन शुरू हो जाएगा, जिसके बाद यह दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र बन जाएगा।