पाकिस्तान जातीय, राजनीतिक और सांप्रदायिक तनाव भड़का रहा है और इसका तटीय शहर कराची भारत-विरोधी जिहादी पैदा करने का गढ़ बन गया है। प्रतिष्ठित यूरोपीय विचारकों के एक दल की नई रिपोर्ट में इसका दावा किया गया है। इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप ने कहा कि उसकी ‘पाकिस्तान : स्टोकिंग दि फायर इन कराची’ नामक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि सुरक्षा बल लश्कर-ए-तइयबा/जमात-उद-दावा (एईटी/जेयूडी) और जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) जैसे भारत विरोधी संगठनों को मदरसे और चैरिटी फ्रंट्स चलाने की अनुमति देते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान का सबसे अधिक खतरनाक समूह सक्रिय रुप से कराची के मैदानों और संसाधनों का प्रयोग करता है। शिया विरोधी लश्कर-ए-जांघवी और भारत विरोधी एलईटी/जेयूडी और जेईएम के शहर के बड़े और संपन्न मदरसों से गहरे संबंध हैं। जब भी पाकिस्तान-भारत या कश्मीर तनाव बढ़ता है तब ये समूह शहर में इकट्ठे हो जाते हैं। आप एलईटी/जेयूडी जैसे संगठनों को देश के एक हिस्से में अपने हितैषी और अन्य जगहों पर अपने दुश्मन के रुप में नहीं देख सकते।
ब्रसेल्स स्थित विशेषज्ञों और वैश्विक विवाद को रोकने के लिए काम करने वाले स्वतंत्र समूह ने चेताया कि दशकों तक की गई अनदेखी और कुप्रबंधन के कारण पाकिस्तान का सबसे धनी और बड़ा शहर एक ‘प्रेशर कूकर’ में बदल जाएगा। उन्होंने नवाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार से सिंध पुलिस विभाग और परिचालन स्वायत्तता को पुर्नस्थापित करने के साथ ही उनकी जिम्मेदारी तय करने को भी कहा।