भारतीय मूल की एक प्रचारक को इस साल ब्रिटेन की सबसे प्रभावशाली अश्वेत शख्सियत के तौर पर चुना गया है। गीना मिलर को यह सम्मान उस कानूनी लड़ाई को जीतने के लिए दिया गया, जिसने संसदीय अनुमति के बिना ब्रेक्जिट की प्रक्रिया शुरू करने से ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे को रोका था।
अफ्रीकी और अफ्रीकी कैरेबियाई विरासत के 100 लोगों की ‘पॉवरलिस्ट’ 2018 में गीना मिलर शीर्ष पर हैं। मंगलवार को लंदन में ‘पावरफुल मीडिया’ ने यह सूची प्रकाशित की।
गीना ने कहा कि मेरे जिस कदम की इतनी आलोचना की गई उसके लिए सम्मान मिलना अद्भुत है। 52 साल की गीना नादिरा सिंह उर्फ गीना मिलर का जन्म ब्रिटिश गयाना (अब गयाना) में हुआ था। वह गयाना के पूर्व अटॉर्नी जनरल दूनदान सिंह की बेटी हैं। गीना ने ‘बेस्ट फॉर ब्रिटेन’ अभियान में एक प्रमुख प्रचारक की भूमिका निभाई थी।