अमेरिकी टैरिफों के बाद पूरी दुनिया में हाहाकार मच गया है। ट्रंप के जवाबी टैरिफ को लेकर चीन समेत दुनिया के कई देश ने भी टैरिफ लगाने का एलान कर दिया है। यूरोपीय संघ के सदस्य देशों ने 23 अरब डॉलर के अमेरिकी उत्पादों पर जवाबी टैरिफ लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू की गई टैरिफ जंग के प्रभाव पूरी दुनिया में नजर आने लगे है। अमेरिकी द्वारा चीन पर 104 फीसदी टैरिफ लगाए जाने के बाद चीन ने जवाब में अमेरिकी उत्पादों पर अब 84 फीसदी टैरिफ लगाने का एलान कर दिया। चीन के बाद अब यूरोपीय संघ ने भी ट्रंप के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
विज्ञापन
यूरोपीय संघ के सदस्य देशों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आयातित इस्पात और एल्युमीनियम पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने के जवाब में 23 अरब अमेरिकी डॉलर के उत्पादों पर जवाबी टैरिफ लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यूरोपीय संघ की कार्यकारी इकाई यूरोपीय आयोग ने बुधवार को लिए गए इस फैसले में शामिल वस्तुओं की सूची फिलहाल उपलब्ध नहीं कराई है। ईयू के टैरिफ का कुछ हिस्सा 15 अप्रैल और कुछ 15 मई जबकि शेष 1 दिसंबर से प्रभावी होगा।
बातचीत के लिए तैयार है ईूय
हालांकि इसके साथ ही यूरोयीय संघ (ईयू) के 27 सदस्य देशों ने व्यापार मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत के ज़रिए समझौते की अपनी प्राथमिकता दोहराई। आयोग ने कहा, यूरोपीय संघ अमेरिकी शुल्क को अनुचित और नुकसानदेह मानता है। जिससे दोनों पक्षों के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। यूरोपीय संघ ने अमेरिका के साथ बातचीत के जरिये नतीजे पाने की अपनी स्पष्ट प्राथमिकता बताई है, जो संतुलित और पारस्परिक रूप से फायदेमंद होगा।
विज्ञापन
यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लिएन ने कारों सहित औद्योगिक वस्तुओं पर शून्य शुल्क के बदले शून्य शुल्क लगाने वाले समझौते की पेशकश की है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यूरोपीय संघ की यह पेशकश अमेरिका को संतुष्ट करने के लिए पर्याप्त नहीं है। बता दें कि ट्रंप ने पिछले कुछ दिनों में यूरोपीय संघ समेत कई देशों पर उच्च सीमा शुल्क लगाने की घोषणा की है।
हालांकि ईयू ने जिन सामान पर टैरिफ की घोषणा की है वह अमेरिका-ईयू के बीच सालाना 1.8 ट्रिलियन डॉलर के व्यापार का बहुत छोटा हिस्सा हैं। दोनों पक्षों के बीच प्रतिदिन 4.4 अरब यूरो मूल्य के सामान का प्रशांत महासागर के जरिये व्यापार होता है।