डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते स्वीकार किया था कि उन्होंने यह पत्र ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को लिखा। इस पत्र का मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत शुरू करना था। वहीं ईरान ने पहले कहा था कि अनवर गरगाश यह पत्र लेकर आएंगे।
अमीराती राजनयिक अनवर गरगाश, जिसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पत्र लेकर आने वाला बताया गया था, ने बुधवार को ईरान के विदेश मंत्री से मुलाकात की। एक ईरानी सरकारी टेलीविजन ने दिखाया कि अमीराती राजनयिक अनवर गरगाश ईरान की राजधानी तेहरान में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात कर रहे हैं। हालांकि इस वीडियो में ट्रंप का पत्र नहीं दिखाया गया, लेकिन ईरान ने पहले कहा था कि अनवर गरगाश यह पत्र लेकर आएंगे। रमजान महीने में हुई इस मुलाकात को लेकर यूएई सरकार या अनवर गरगाश ने इस यात्रा की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की।
डोनाल्ड ट्रंप ने क्यों भेजा पत्र?
डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते स्वीकार किया था कि उन्होंने यह पत्र ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को लिखा। इस पत्र का मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत शुरू करना था। अमेरिका और इस्राइल ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने की बात कर चुके हैं, जिससे सैन्य संघर्ष की आशंका बढ़ रही है।
अमेरिका-इस्राइल पर ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान कहता है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है, लेकिन उसके अधिकारी कई बार परमाणु हथियार बनाने की धमकी दे चुके हैं। अमेरिका और ईरान के बीच पहले से प्रतिबंधों को लेकर तनाव बना हुआ है। वहीं इस्राइल और हमास के बीच गाजा में संघर्ष विराम की नाजुक स्थिति बनी हुई है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।
अमीराती राजनयिक अनवर गरगाश और ईरानी विदेश मंत्री की इस मुलाकात से संकेत मिलता है कि अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता हो सकती है। ईरान की तरफ से अभी तक डोनाल्ड ट्रंप के पत्र पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।