एनबीसी न्यूज के मुताबिक, बचाव पक्ष यह साबित करना चाहता है कि मस्क ने पहले लाभ कमाने वाली कंपनी बनने का समर्थन किया था, बशर्ते उस कंपनी को टेस्ला में मिला दिया जाए। मस्क ने एक्स पर कहा, सबूत आपको चौंका देंगे। मस्क ऑल्टमैन और सह-संस्थापक ग्रेग ब्रॉकमैन को हटाने की मांग कर रहे हैं।
एलन मस्क और सैम ऑल्टमैन/ओपनएआई के बीच बहुचर्चित विश्वासघात के मामले में जूरी चयन की प्रक्रिया कैलिफोर्निया के ओकलैंड स्थित फेडरल कोर्ट में शुरू हो गई है। जज यवोन गोंजालेज रोजर्स हाई-प्रोफाइल मामले में सुनवाई की अध्यक्षता कर रही हैं।
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ट्रायल शुरू होने से ठीक पहले मस्क ने धोखाधड़ी के आरोप वापस ले लिए हैं। अब मुकदमा मुख्य रूप से अनुचित लाभ और विश्वासघात पर केंद्रित होगा। मस्क, ओपनएआई और उसके सीईओ सैम ऑल्टमैन से लगभग 134 अरब डॉलर के हर्जाने की मांग कर रहे हैं और चाहते हैं कि कंपनी को फिर से एक गैर-लाभकारी संस्था बनाया जाए। जूरी चयन के बाद शुरुआती बहस होगी। सुनवाई के मई के मध्य तक चलने की उम्मीद है।
क्या है पूरा मामला?
मस्क का आरोप है कि ओपनएआई अपनी मूल गैर-लाभकारी विचारधारा से भटककर मुनाफा कमाने वाली कंपनी बन गई है, जबकि ओपनएआई ने इन दावों को निराधार बताते हुए कहा है कि मस्क असफलताओं के कारण जलनवश यह मुकदमा कर रहे हैं। ट्रायल में मस्क, सैम ऑल्टमैन, ग्रेग ब्रॉकमैन और माइक्रोसॉफ्ट सीईओ सत्या नडेला सहित अन्य तकनीकी जगत के दिग्गजों की गवाही हो सकती है।
हर्जाने की राशि खुद नहीं लेंगे मस्क
एनबीसी न्यूज के मुताबिक, बचाव पक्ष यह साबित करना चाहता है कि मस्क ने पहले लाभ कमाने वाली कंपनी बनने का समर्थन किया था, बशर्ते उस कंपनी को टेस्ला में मिला दिया जाए। मस्क ने एक्स पर कहा, सबूत आपको चौंका देंगे। मस्क ऑल्टमैन और सह-संस्थापक ग्रेग ब्रॉकमैन को हटाने की मांग कर रहे हैं।
मस्क ने शुरू में मुआवजे के तौर पर 134 अरब डॉलर का अनुमान लगाया था, हालांकि बाद में उन्होंने अनुरोध किया कि बरामद की गई कोई भी राशि ओपनएआई की धर्मार्थ शाखा को दी जाए। ओपनएआई ने इन मांगों को खारिज कर दिया है।