हालांकि, इस डील को एक सहमति पर खत्म करना ट्विटर के लिए आसान नहीं था। बार-बार सौदे से मस्क के यू-टर्न ने ट्विटर के लिए मुश्किलें भी खड़ी कर दीं थीं। आखिरकार ट्विटर ने कोर्ट का सहारा लिया और इस समझौते को पूरा किया। आइए जानते हैं कब शुरू हुआ था यह सौदा? पीछे क्यों हटे थे मस्क? कोर्ट में क्या हुआ और आखिरकार मस्क को सौदे पर वापस क्यों लौटना पड़ा?
एलन मस्क और ट्विटर के बीच सौदे की पूरी कहानी इसी साल मार्च से शुरू होती है। दरअसल, मस्क ने अपने एक ट्वीट में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर ट्विटर की नीतियों पर सवाल खड़े किए थे। इस दौरान उन्होंने नया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बनाने का सुझाव दिया था।
नया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बनाने के सुझाव के बाद लेागों ने मस्क को सुझाव दिया कि वह ट्विटर को ही खरीद लें। इसके बाद चार अप्रैल, 2022 को ट्विटर ने घोषणा की कि मस्क ने कंपनी का 9.2 प्रतिशत हिस्सा ले लिया है, जो 4 मार्च के शेयर की कीमत के आधार पर लगभग 2.9 बिलियन डॉलर था।
कंपनी के शेयरों में हिस्सेदारी के बाद एलन मस्क पांच अप्रैल, 2022 को ट्विटर के बोर्ड में शामिल हो गए। ट्विटर के सीईओ पराग अग्रवाल ने ट्वीट्स की एक श्रृंखला में घोषणा की कि ट्विटर बोर्ड में एलन मस्क को नियुक्त किया जा रहा है।
ट्विटर सीईओ पराग अग्रवाल की इस घोषणा के कुछ दिन बाद मस्क ने यू-टर्न ले लिया। उन्होंने ट्विटर बोर्ड में शामिल होने से इनकार कर दिया।
जब मस्क ने दिखाई पैसे की ताकत
बोर्ड में शामिल होने से इनकार के बाद एलन मस्क ने 14 अप्रैल को पूरे ट्विटर को ही खरीदने की पेशकश की। ट्विटर को 54.20 डॉलर प्रति शेयर के आधार पर 43 बिलियन डॉलर में खरीदने की पेशकश की गई, जिसके बाद इस सौदे को शेयरधारकों ने मंजूरी दे दी।
इस सौदे के बाद एक बार फिर मस्क ने यू-टर्न ले लिया। मस्क ने ट्विटर यूजर्स की वैधता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। उन्होंने दावा किया कि ट्विटर के पांच फीसदी यूजर्स स्पैम हैं। उन्होंने ट्विटर से इसकी जानकारी मांगी, लेकिन ट्विटर के इनकार के बाद उन्होंने नौ जुलाई को सौदे से बाहर निकलने का फैसला किया।
मस्क के यू-टर्न के बाद ट्विटर ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कहा कि उसने विलय समझौते के तहत अपने दायित्वों का उल्लंघन नहीं किया है। ट्विटर ने कहा, इस सौदे को जल्दी से जल्दी पूरा किया जाना चाहिए क्योंकि विवाद के कारण माइक्रो ब्लॉगिंग साइट के व्यवसाय को नुकसान हो रहा है।
कोर्ट में दोनों पक्षों की ओर से लंबी बहस के बाद 17 अक्तूबर से मामले का ट्रायल होना था। हालांकि, इससे पहले ही मस्क इस सौदे पर वापस लौट आए और इसे पूरा करने को कहा। इसके बाद डेलावेयर की कोर्ट ने 28 अक्तूबर तक ट्विटर की डील पूरी करने का आदेश दिया था।