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Elon Musk: एपल और चैट जीपीटी की साझेदारी पर भड़के मस्क, प्रतिबंध लगाने की दी धमकी

Tue, 11 Jun 2024 08:55 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

एलन मस्क ने टिम कुक के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि 'एपल की डिवाइस में चैटजीपीटी नहीं चाहिए। या तो इस घटिया सॉफ्टवेयर को एपल डिवाइस में इंटीग्रेट करने पर रोक लगनी चाहिए या फिर वह अपनी कंपनी के परिसर में एपल डिवाइस को इस्तेमाल करने पर ही प्रतिबंध लगा देंगे।' 
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एलन मस्क - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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आईफोन निर्माताओं ने जैसे ही ओपनएआई के साथ साझेदारी का एलान किया, उसके कुछ घंटे बाद ही मशहूर उद्योगपति एलन मस्क ने इस पर नाराजगी जताई और अपने कंपनी परिसर में एपल फोन के इस्तेमाल पर ही प्रतिबंध लगाने की धमकी दी। मस्क का कहना है कि दोनों कंपनियों के बीच की यह साझेदारी सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है और इसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
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मस्क की धमकी- इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे
गौरतलब है कि एपल के सीईओ टिम कुक ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट किया था। इस पोस्ट में कुक ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) को एपल डिवाइस में और बेहतर करने का एलान करते हुए चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई के साथ साझेदारी का एलान किया। इस एलान के कुछ घंटे बाद ही एलन मस्क ने टिम कुक के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि 'एपल की डिवाइस में चैटजीपीटी नहीं चाहिए। या तो इस घटिया सॉफ्टवेयर को एपल डिवाइस में इंटीग्रेट करने पर रोक लगनी चाहिए या फिर वह अपनी कंपनी के परिसर में एपल डिवाइस को इस्तेमाल करने पर ही प्रतिबंध लगा देंगे।' 
 

एपल ने किया एपल इंटेलीजेंस का एलान
तकनीक की दिग्गज कंपनी एपल ने अपने आईफोन, आईपैड, मैक आदि में सोमवार से एपल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल शुरू करने का एलान किया। यह एक तरह का निजी इंटेलीजेंस सिस्टम बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि एपल इंटेलीजेंस एपल सिलिकॉन की ताकत को बढ़ाएगा, जिससे लोगों को काफी सुविधाएं मिलेंगी। मस्क ने एक पोस्ट में लिखा कि अगर एपल डिवाइस में ओपनएआई को ऑपरेटिंग सिस्टम के स्तर पर इंटीग्रेट किया गया, तो वे एपल के फोन का इस्तेमाल अपनी कंपनी में प्रतिबंधित कर देंगे। मस्क ने सवाल उठाया कि 'क्या एपल जैसी कंपनी इतनी काबिल नहीं है कि वह खुद का आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस बना सके। एपल को पता नहीं है कि असल में क्या चल रहा है। एक बार एपल आपका डाटा ओपनएआई को देगी और इसे बेच देंगे।'
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