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SpaceX: पृथ्वी के वातावरण में दाखिल होते हुए 'गुम' हुआ स्टारशिप, मस्क बोले- ये मानवता को मंगल पर लेकर जाएगा

Fri, 15 Mar 2024 10:25 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

स्पेसएक्स के सबसे ताकतवर रॉकेट स्टारशिप ने गुरुवार को टेक्सास स्थित कंपनी के स्टारबेस बोका चिका से सुबह स्थानीय समय अनुसार, करीब 8.25 बजे उड़ान भरी। इस उड़ान का लाइव वेबकास्ट भी किया गया, जिसे सोशल मीडिया पर करोड़ों लोगों ने देखा। 
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स्पेसएक्स का रॉकेट स्टारशिप - फोटो : एक्स/ एलन मस्क
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विस्तार
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दिग्गज कारोबारी एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। दरअसल स्पेसएक्स के सबसे ताकतवर रॉकेट स्टारशिप का तीसरा परीक्षण लगभग सफल रहा। हालांकि परीक्षण के दौरान स्टारशिप जब अंतरिक्ष की उड़ान भरने के बाद वापस पृथ्वी के वातावरण में दाखिल हो रहा था, उस दौरान स्टारशिप का संपर्क टूट गया। परीक्षण की सफलता पर एलन मस्क ने सोशल मीडिया पर लिखा कि स्टारशिप,मानवता को मंगल ग्रह पर लेकर जाएगा। 
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पृथ्वी के वातावरण में दाखिल होते हुए टूटा संपर्क
स्पेसएक्स के सबसे ताकतवर रॉकेट स्टारशिप ने गुरुवार को टेक्सास स्थित कंपनी के स्टारबेस बोका चिका से सुबह स्थानीय समय अनुसार, करीब 8.25 बजे उड़ान भरी। इस उड़ान का लाइव वेबकास्ट भी किया गया, जिसे सोशल मीडिया पर करोड़ों लोगों ने देखा। परीक्षण के दौरान सबकुछ ठीक रहा, सिर्फ पृथ्वी के वातावरण में फिर से एंट्री के दौरान रॉकेट से कंट्रोल रूम का संपर्क टूट गया। यह संपर्क उस वक्त टूटा, जब स्टारशिप हिंद महासागर के ऊपर था। हालांकि रॉकेट समुद्र में लैंड करने में सफल रहा। 
 
दुनिया का सबसे ताकतवर रॉकेट है स्टारशिप
स्पेसएक्स का रॉकेट स्टारशिप दुनिया का सबसे ताकतवर रॉकेट है, जिसकी लंबाई 397 फीट है और इसमें सुपर हैवी बूस्टर लगे हैं, जो 16.7 मिलियन पाउंड का थ्रस्ट पैदा करते हैं। नासा का स्पेस लॉन्च सिस्टम दुनिया का दूसरा सबसे ताकतवर रॉकेट हैं, लेकिन यह भी स्टारशिप की तुलना में आधा ही थ्रस्ट पैदा करता है। हालांकि स्टारशिप अभी प्रोटोटाइप स्टेज में ही है और नासा का रॉकेट सर्टिफाइड है और संचालन में है। तीसरे परीक्षण में स्टारशिप ने अपने अधिकतर उद्देश्यों को पूरा किया और कंपनी ने भी इस पर खुशी जताते हुए परीक्षण को करीब-करीब सफल बताया है। स्टारशिप रॉकेट रीयूजेबल है और यह अंतरिक्ष में 150 मीट्रिक टन भार ले जाने में सक्षम है। स्टारशिप में 100 लोगों को एक साथ मंगल ग्रह पर ले जाया जा सकेगा।  
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स्टारशिप रॉकेट का पहला परीक्षण अप्रैल 2023 में किया गया था, लेकिन उस दौरान उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद स्टारशिप धमाके के साथ तबाह हो गया था। स्टारशिप का दूसरा परीक्षण नवंबर 2023 में किया गया। हालांकि अंतरिक्ष में जाने के बाद दूसरे परीक्षण में भी रॉकेट तबाह हो गया था। पहले दो परीक्षणों की तुलना में स्टारशिप का तीसरा परीक्षण काफी सफल रहा है। स्टारशिप का यह परीक्षण इसलिए भी अहम है क्योंकि इस दशक के अंत में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा स्टारशिप रॉकेट की मदद से ही अपने अंतरिक्ष यात्रियों को चांद पर भेजने की योजना बना रही है। 
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