ब्राजील में उस समय बवाल मच गया जब प्रतिबंध लगा सोशल मीडिया मंच एक्स काम करने लगा। दरअसल, मोबाइल फोन पर बुधवार को एक्स अचानक से काम करने लगा। इससे यहां की सरकार आगबबूला हो गई और दिग्गज कारोबारी एलन मस्क को खूब खरीखोटी सुनाई। सरकार की फटकार के बाद गुरुवार को एक्स की सर्विस फिर से पूरी तरह से बंद कर दी गई। यहां तक कि टेस्ला के सीईओ को सफाई भी देनी पड़ी।
गौरतलब है, दुनिया के सबसे लोकप्रिय सोशल नेटवर्क में से एक एक्स को पांचवीं सबसे बड़ी डिजिटल आबादी वाले देश ब्राजील में प्रतिबंध किया जा चुका है। ब्राजील के लोग एक्स प्लेटफॉर्म को एक्सेस नहीं कर सकते हैं और अगर वे इसके लिए वीपीएन आदि का इस्तेमाल करते हैं, तो उन्हें भारी जुर्माने का भी सामना करना पड़ सकता है।
प्रतिबंध लगाने के बाद भी बुधवार को फोन एप पर एक्स चलने लगा। इस पर सरकार ने सख्ती दिखाई। उसने इस कदम को निलंबन का जानबूझकर उल्लंघन माना। इस पर एक्स ने सफाई दी कि उसकी सेवा की वापसी अनजाने में हुई थी और यह अस्थायी थी।
एक्स के मालिक को बताया अड़ियल
इंटरनेट की सेवा देने वाले एक संगठन एबीआरआईएनटी ने कहा कि स्थानीय समयानुसार शाम चार बजे से ठीक पहले एक बार फिर एक्स को बंद कर दिया गया। वहीं, न्यायाधीश एलेक्जेंडर डी मोरेस ने गुरुवार को एक्स के मालिक को अड़ियल बताया। साथ ही राज्य दूरसंचार एजेंसी एनाटेल को एक बार फिर नेटवर्क तक पहुंच को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आदेश दिया।
इसलिए ब्लॉक करना हुआ मुश्किल
इंटरनेट प्रदाताओं ने बताया कि फोन एप्लीकेशन ऑटोमेटिक अपडेट हो गया था, जिसके बाद बुधवार को एक्स फिर से काम करने लगा था। नए सॉफ्टवेयर ने एप को क्लाउडफ्लेयर नामक सेवा के माध्यम से लगातार बदलते पहचान वाले आईपी पते का उपयोग करने की अनुमति दी, जिससे इसे ब्लॉक करना कठिन हो गया।
एनाटेल ने लगाया बड़ा आरोप
एबीआरआईएनटी ने गुरुवार को कहा कि एक्स ने अब क्लाउडफ्लेयर का उपयोग करना बंद कर दिया है। जबकि एक्स ने कहा कि सेवा की बहाली अनजाने में की गई थी। इसके अलावा, एनाटेल ने आरोप लगाया कि कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को दरकिनार करने के लिए जानबूझकर ऐसा किया था।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, मालूम हो कि यह मामला अप्रैल से शुरू हुआ था। जब सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एलेक्जेंडर डि मोरियस ने ‘एक्स’ को लेकर जांच के आदेश दिए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि सोशल मीडिया मंच ने गलत सूचना फैलाने वाले कई खातों को बढ़ावा दिया।
शुरुआत में एक्स की वैश्विक टीम ने ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन किया और कई खातों को ब्लॉक कर दिया था। मगर खातों के ब्लॉक करने वाली टीम ने यह नहीं बताया कि किस वजह से उनको ब्लॉक किया गया। वे सरकार की किस कानून का उल्लंघन करते हैं।
इसके बाद, मोरियस ने मस्क को आदेश दिया था कि एक्स के लिए 24 घंटे के अंदर एक कानूनी अधिकारी नियुक्त करें, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसके बाद न्यायाधीश ने कहा था कि कंपनी ने गैरकानूनी रूप से, लगातार और जानबूझकर न्यायिक फैसलों का उल्लंघन किया है इसलिए प्रतिबंध लगाया जाता है। साथ ही नौ लाख डॉलर से अधिक का दैनिक जुर्माना लगाया था।
इस प्रतिबंध से मस्क और अति-दक्षिणपंथी नाराज हो गए तथा देश के अंदर और बाहर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक नेटवर्क की सीमाओं पर तीखी बहस छिड़ गई। ब्राजील में सोशल मीडिया मंच एक्स को करीब 22 मिलियन लोग इस्तेमाल करते हैं।