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चीन में शिनजियांग प्रांत के 80 लाख उइगर मुसलमान डिटेंशन कैंप में कैद

Mon, 21 Sep 2020 03:03 PM IST
Tanuja Yadav वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
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uighur muslims - फोटो : ANI
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चीन ने शिनजियांग प्रांत के 80 लाख उइगर मुस्लिमों को अपने डिटेंशन कैंप्स में कैद कर रखा है। पेइचिंग के एक खुफिया दस्तावेज में बताया गया कि चीनी सरकार अपने सक्रिय श्रम और रोजगार नीतियों के माध्यम से शिनजिंयांग के लोगों के सांस्कृतिक और सामाजिक जीवन को और बेहतर बना रही है।

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इस दस्तावेज में यह भी जानकारी दी गई है कि चीन ने इस प्रांत के 80 लाख उइगर मुस्लिमों को अलग-अलग डिटेंशन कैंप्स में रखा हुआ है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शिनजियांग प्रांत में चीन बड़े पैमाने पर डिटेंशन कैंप्स चला रही है। इन कैंप्स के जरिए चीन राजनैतिक असंतोष को दबाने और उइगर मुस्लिमों को प्रताड़ित करने का काम करता है।

चीनी सरकार इन डिटेंशन कैंप्स को व्यावहारिक प्रशिक्षण केंद्र कहती है। 2014 से लेकर 2019 तक इन डिटेंशन कैंप्स में 4,15,000 से ज्यादा उइगर मुस्लिमों को कैद कर रखा था, इनमें से कई लोग ऐसे भी थे, जिन्हें पहले भी कई बार कैद किया गया है। 
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कौन हैं उइगर मुस्लिम?
मध्य एशिया में रहने वाले तुर्क समुदाय के मुस्लिम उइगर मुस्लिम कहलाए जाते हैं। इनकी भाषा उइगर भी तुर्क भाषा से काफी मिलती जुलती मानी जाती है। उइगर तारिन, जंगार और तरपान बेसिन के हिस्से में आबाद हैं। उइगर इन सभी इलाकों को उर्गिस्तान, पूर्वी तुर्किस्तान के नाम से पुकारते हैं। इनकी सीमा मंगोलिया, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और भारत के साथ मिलती है।

कैद में कैसे होता है जीवन?
शिनजियांग में रहने वाली 29 साल की मिहरिगुल तुर्सुन ने अमेरिका के राजनेताओं को बताया कि साल 2018 में वह चीन के इस कैंप से भाग निकली थी। महिला ने बताया कि इस कैंप में चीनी अधिकारी इतनी यातनाएं देते हैं कि कभी-कभी खुद की जान लेने का मन करता था। 

इसके अलावा कायरात समरकंद ने बताया कि उन्हें प्रताड़ित करने के लिए चीनी अधिकारी उन्हें धातु का बना बख्तरबंद पहनाते थे, जिसके बाद पीड़ित के हाथ-पैर काम करना बंद कर देते थे।

उइगर मुस्लिमों की प्रताड़ना पर चुप्पी
उइगर मुसलमानों पर अत्याचार को लेकर किसी भी मुस्लिम देश ने खुलकर चीन का विरोध नहीं किया है। दुनिया में मुस्लिमों के सौदागर माने जाने वाले सऊदी अरब, पाकिस्तान, तुर्की ने कभी भी उइगर मुसलमानों के समर्थन में कोई आवाज नहीं उठाई है। ऐसा करने से वो चीन से दुश्मनी लेने से बचते हैं। 

इस मामले में अमेरिका ने उठाए कदम
अमेरिका ने नौ जुलाई को चीनी कम्यूनिस्ट पार्टी के तीन वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाया था। अमेरिका ने यह कदम उइगर मुसलमानों के मानवाधिकार हनन को देखते हुए उठाया था। इससे पहले भी अमेरिका चीन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दे चुका है। 

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