जिस तरह से मिस्र की आबादी बढ़ रही है, अनुमान लगाया जा रहा है कि 2050 तक यहां की ऐतिहासिक राजधानी काहिरा की आबादी 4 करोड़ के पार चली जाएगी। उस समय यहां संसाधन और आबादी के बीच बहुत बड़ा अंतर हो जाएगा। भविष्य में बनने वाले इसी हालात से निपटने के लिए मिस्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। दरअसल, इस देश की सरकार वर्तमान राजधानी काहिरा से 45 किलोमीटर की दूरी पर रेगिस्तान में 700 वर्ग किमी क्षेत्र में नई प्रशासनिक राजधानी बनवाने का काम कर रही है, जहां पर 65 लाख लोगों को बसाने की योजना है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया शहर
योजना के अनुसार यह शहर पूरी तरह न्यूयॉर्क और लंदन की तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। शहर के बाहर 90 वर्ग किमी क्षेत्र में सौर ऊर्जा का प्लांट लगाया जाएगा, जो शहर को बिजली सप्लाई करेगा। शहर के चारों ओर कृत्रिम झीलें बनाई जाएंगी। इसके अलावा इलेक्ट्रिक रेलवे लिंक और एक नया इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी बनेगा। मिस्र सरकार के मुताबिक, नया शहर बनाने का मुख्य कारण बढ़ती भीड़ को कम करना है। इस परियोजना में 3.30 लाख करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।
2030 तक बनकर तैयार हो जाएगी नई राजधानी
नई राजधानी में छोटे-बड़े 400 से ज्यादा अस्पताल और इतने ही स्कूल-कॉलेज भी बनाए जाएंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 30 हजार कमरों वाले होटल, लंदन के सेंट्रल पार्क से बड़ा पार्क और दुनिया का सबसे बड़ा टावर बनाया जाएगा। 14 हजार एकड़ में शॉपिंग मॉल, मस्जिद और एक बड़ा भव्य चर्च के निर्माण की भी योजना है। मिस्र प्रशासन के अनुसार यह शहर साल 2030 तक पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा।