कोरोना वायरस का इलाज करते डॉक्टर ( फाइल फोटो)
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कोरोना संकट के दौरान कुछ लोग अपने मरीजों से दूरी बनाकर रह रहे हैं, परिजन मरीजों से बात करना भी उचित नहीं समझते। वहीं सात समंदर पार रह रहा एक डॉक्टर परिवार 24 घंटे लोगों की मदद करने में जुटा है। अमेरिका के इंडियानापोलिस में रहने वालीं डॉ. डॉली रानी पेशे से एंडोक्राइनोलॉजिस्ट हैं। फिलहाल वे 24 घंटे वीडियो कॉल्स, व्हाट्सएप चैट के जरिए लोगों का इलाज कर रही हैं। उनकी इस पहल से सैकड़ों भारतीय परिवार और हजारों लोग लाभ प्राप्त कर चुके हैं। दरअसल, डॉ. डॉली खुद सीनियर डॉक्टर हैं, उनके परिवार में 10 सदस्य हैं और सभी डॉक्टर हैं। परिवार के सभी सदस्य डॉ. डॉली की मदद कर रहे हैं।
परिवार से मिला सेवाभाव करने का संस्कार
भारत से आने वाले फोन कॉल्स और सभी मैसेज का जवाब डॉ. डॉली खुद ही देती हैं। डॉ. डॉली फोन के जरिए ही मेडिकल सलाह दे रही हैं। कोरोना लक्षण होने पर क्या करना है और क्या नहीं। साथ ही मरीजों को विश्वास दिलाना कि आप जल्द ही स्वस्थ्य होकर अस्पताल से घर लौट जाएंगे। हालांकि डॉ. डॉली कहती हैं कि सबसे मुश्किल काम रोगियों को भरोसा दिलाना होता है कि आप निराश ना हों, जल्द ही स्वस्थ्य हो जाएंगे। वो कहती हैं कि यह संकट युद्ध जैसा है। हम इसे जीतकर रहेंगे। डॉली के मुताबिक कई बार व्हाट्सएप खोलने से भी डर लगता है, पता नहीं आज कितने मरीज बचे हैं और क्या उनका हाल है। फिर भी हिम्मत बांधकर सभी सवालों का जवाब देती हूं। डॉ. डॉली कहती हैं कि सेवाभाव का संस्कार तो परिवार से ही पैदा होता है।
अभी तक 600 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भारत भेज चुके
दिल्ली में छोटी बहन डेजी रानी और हमारा पूरा परिवार सभी जरूरतमंदों को लगातार मदद पहुंचा रहे हैं। डॉ. डॉली कहती हैं कि भारत के सभी राज्यों से मेरे पास फोन कॉल्स आते हैं और हां इसका कोई समय भी नहीं होता। आधी रात को भी मैं जागकर लोगों को परामर्श देती हूं। उन्होंने बताया कि इंडियानापोलिस प्रशासन और मेडिकल एसोसिएशन की मदद से 600 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भारत भेजे जा चुके हैं।
मां ने बढ़ाई हिम्मत: डॉ. डॉली
डॉ. डॉली बताती हैं कि उन्होंने पिछले एक महीने से अपनी मां से बात तक नहीं की। पिछले दिनों मदर्स डे पर उनका ही फोन आया था। मां ने कहा- ‘बेटी तुम जो काम कर रही हो उसे गंभीरतापूर्वक करते रहना, इसे कभी मत छोड़ना। आज तुम्हारी जरूरत समाज को है।’