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जापान में आपातकाल: महामारी के चलते ओलंपिक खेलों में लग सकती है दर्शकों पर पूरी तरह से रोक

Thu, 08 Jul 2021 06:51 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तोक्यो

सार

जापान सरकार ने अपने पिछले फैसले में स्टेडियमों 10,000 तक दर्शकों के मौजूद रहने की इजाजत दी थी। यहां के अखबार जापान टाइम्स में छपी एक खबर में कहा गया है कि दर्शकों को इजाजत मिलेगी या नहीं, ये फैसला अब आयोजकों के हाथ से निकल कर राजनीतिक दायरे में चला गया है...
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प्रदर्शनकारियों ने की तोक्यो ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों को रद्द करने की मांग - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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तोक्यो ओलंपिक खेलों से दर्शकों को दूर रखने की आशंका अब और मजबूत हो गई है। बुधवार को कोरोना संक्रमण के मामलों में भारी इजाफे के बाद तोक्यो में नए सिरे आपातकाल की घोषणा की हो गई। बुधवार को तोक्यो में कोरोना वायरस संक्रमण के 920 नए मामले सामने आए। यह 13 मई के बाद की सबसे बड़ी संख्या है। बीते 13 मई को यहां 1,010 मामले सामने आए थे।

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तोक्यो ओलंपिक खेलों के शुरू होने में अब दो हफ्ते ही बचे हैं। इसलिए यहां जानकारों का कहना है कि उन खेलों के दौरान स्टेडियमों में दर्शकों के जाने की इजाजत दी जाएगी, इस बारे में संदेह गहरा गया है। जापान सरकार ने अपने पिछले फैसले में स्टेडियमों 10,000 तक दर्शकों के मौजूद रहने की इजाजत दी थी। यहां के अखबार जापान टाइम्स में छपी एक खबर में कहा गया है कि दर्शकों को इजाजत मिलेगी या नहीं, ये फैसला अब आयोजकों के हाथ से निकल कर राजनीतिक दायरे में चला गया है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक जापान सरकार और खेल आयोजन समिति दर्शक नीति पर पुनर्विचार कर रही हैं। ऐसी संभावना है कि दर्शकों की स्वीकृत संख्या घटा दी जाए। जापान टाइम्स के मुताबिक स्टेडियमों में सिर्फ पांच हजार दर्शकों की ही इजाजत देने के एक प्रस्ताव पर सरकार और आयोजन समिति विचार कर रही हैं। अगर ऐसा फैसला हुआ, तो टिकट की फिर से लॉटरी निकालनी पड़ेगी। 50 फीसदी  ऐसे लोगों के टिकट तब कट जाएंगे, जिन्हें अभी टिकट अलॉट हो चुके हैं। हालांकि इसी अखबार की एक दूसरी रिपोर्ट में बताया गया है कि अगर आपातकाल दो हफ्ते से ज्यादा समय के लिए बढ़ाया गया, तो बिना दर्शकों ही खेल आयोजित कराने का फैसला लिया जा सकता है।
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तोक्यो से ही प्रकाशित अन्य अखबार- मैनिची शिम्बुन की खबर में बताया गया है कि सरकार दर्शकों पर पूरी तरह रोक लगाने के एक प्रस्ताव पर विचार कर रही है। अगर तोक्यो में आपातकाल बढ़ाया जाता है, तो उसका मतलब होगा कि ओलंपिक खेलों के लिए कोरोना संक्रमण से बचाव के उपायों को फिर तय करना पड़ेगा। आपातकाल संबंधी सरकार का फैसला आने के बाद आयोजन समिति इस बारे में फैसला लेगी।

जापान के मेडिकल विशेषज्ञ पहले से ही इन खेलों के आयोजन को लेकर चेतावनी देते रहे हैं। इसी हफ्ते जापान सरकार के संक्रामक रोगों संबंधी मुख्य सलाहकार शिगेरू ओमी ने कहा था कि इन खेलों में दर्शकों को जाने देने की इजाजत देना बेहद जोखिम भरा है। पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने भी कहा था कि दर्शकों की उपस्थिति पर पूरा प्रतिबंध लगाने की संभावना खुली हुई है।

इस बीच बुधवार को जापान की प्रमुख विपक्षी पार्टियों कॉन्स्टीट्यूशनल डमोक्रेटिक पार्टी ऑफ जापान, जापान की कम्युनिस्ट पार्टी, और डेमोक्रेटिक पार्टी फॉर द पीपुल के संसदीय नेतओं ने मांग की कि ओलिपिंक संबंधी सारे समारोह और आयोजन बिना दर्शकों की मौजूदगी के कराए जाएं।

प्रधानमंत्री सुगा ने पहले इन खेलों में दर्शकों की इजाजत देकर दुनिया को यह दिखाने का इरादा जताया था कि जापान कोरोना महामारी से निकल गया है। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। ऐसे में दर्शकों की उपस्थिति के साथ इन खेलों के होने की पाने की संभावना पर नए सवाल खड़े हो गए हैं।

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