अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन खबरों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया कि उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन बीमार है। ट्रंप ने इस खबर को चलाने के लिए सीएनएन की आलोचना की। ट्रंप ने गुरुवार को संवाददाताओं से कहा कि मुझे लगता है कि खबर गलत है, इस मामले में मुझे बस यही कहना है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि मुझे पता चला कि उन्होंने पुराने दस्तावेजों का इस्तेमाल किया है। ट्रंप ने इसपर बोलने से इनकार कर दिया कि किम की सेहत के बारे में क्या उन्हें सीधे उत्तर कोरिया से कोई जानकारी मिली है। इसके बजाय उन्होंने केबल न्यूज नेटवर्क सीएनएन पर हमला बोला, जिसके साथ ट्रंप के कटु संबंध रहे हैं।
ट्रंप ने कोरोना वायरस महामारी पर एक दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मुझे लगता है कि सीएनएन द्वारा की गई यह एक फर्जी खबर है। सीएनएन ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से सोमवार को कहा था कि खुफिया जानकारी के मुताबिक सर्जरी के बाद किम की हालत गंभीर है और अमेरिका इसपर नजर रख रहा है।
गौरतलब हो कि अमेरिकी अधिकारी ने दावा किया था कि उत्तर कोरिया के सनकी तानाशाह किम जोंग-उन की हालत सर्जरी के बाद नाजुक बनी हुई है। किम हाल ही में 15 अप्रैल को अपने दादा के जन्मदिन के उत्सव में शामिल नहीं हुए थे। जिसके बाद से उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई जा रही है। वह चार दिन पहले एक सरकारी बैठक के दौरान दिखाई दिए थे।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार एक और अमेरिकी अधिकारी का कहना था कि किम के स्वास्थ्य को लेकर जारी चिंता विश्वसनीय हैं लेकिन गंभीरता का आकलन करना कठिन है। हालांकि ऐसी अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि वह ब्रेन डेड हो गए हैं। दक्षिण कोरिया की ऑनलाइन साइट जो उत्तर कोरिया की खबरें देती है उसके मुताबिक 12 अप्रैल को किम हृदय और रक्तवाहिकाओं संबंधी प्रक्रिया से गुजरे हैं।
न्यूज साइट के अनुसार उन्हें इस प्रक्रिया से इसलिए गुजरना पड़ा क्योंकि वह बहुत ज्यादा स्मोकिंग करते हैं, मोटापे से जूझ रहे हैं और ज्यादा काम करते हैं। उनका ह्यानसांग काउंटी में इलाज चल रहा है। किम के स्वास्थ्य में सुधार आने के बाद मेडिकल टीम का एक हिस्सा 19 अप्रैल को प्योंगयांग लौट आया और कुछ उनकी रिकवरी के लिए वहीं रुके हुए हैं।