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H-1B Visa: अब एच-1बी वीजा आवेदन के लिए लगेंगे एक लाख डॉलर, राष्ट्रपति ट्रंप ने फीस में की बढ़ोतरी

Sat, 20 Sep 2025 04:43 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा कदम उठाते हुए एच-1बी वीजा की फीस एक लाख डॉलर कर दी है। अब कंपनियों के लिए विदेशी कर्मचारियों को लाना महंगा होगा और अमेरिकियों को नौकरी देने पर जोर रहेगा। इसके अलावा, ट्रंप ने गोल्ड कार्ड वीजा भी शुरू किया है, जिसके लिए व्यक्ति को एक मिलियन डॉलर और कंपनियों को 2 मिलियन डॉलर चुकाने होंगे।
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : PTI
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (स्थानीय समयानुसार) को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर एच-1बी वीजा की फीस को एक लाख डॉलर कर दिया है। अब किसी विदेशी कर्मचारी को प्रायोजित करने के लिए कंपनियों को यह रकम अमेरिकी सरकार को देनी होगी। 

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व्हाइट हाउस के स्टाफ सचिव विल शार्फ ने कहा कि एच-1बी वीजा का दुरुपयोग रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा, 'इसका उद्देश्य उन उच्च कुशल श्रमिकों को अमेरिका में आने की अनुमति देना है, जो उन क्षेत्रों में काम करते हैं, जहां अमेरिकी काम नहीं करते। इस घोषणा से कंपनियों द्वारा एच-1बी आवेदकों को प्रायोजित करने के लिए दी जाने वाली फीस बढ़कर $100,000 हो जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि वे जिन लोगों को ला रहे हैं वे वास्तव में अत्यधिक कुशल हैं और उनकी जगह अमेरिकी कर्मचारी नहीं ले सकते।'

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अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने कहा, 'अब बड़ी टेक कंपनियां या अन्य कंपनियां विदेशी कर्मचारियों को ट्रेनिंग देकर सस्ता श्रम नहीं ला पाएंगी। उन्हें सरकार को 1 लाख डॉलर देने होंगे और फिर कर्मचारी को वेतन भी देना होगा। ऐसे में कंपनियों के लिए अमेरिकियों को ही प्रशिक्षित करना बेहतर होगा। यह नीति अमेरिकी नौकरियों की सुरक्षा के लिए है, और बड़ी कंपनियां भी इसका समर्थन कर रही हैं।'

'गोल्ड कार्ड' वीजा कार्यक्रम लॉन्च
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक नया गोल्ड कार्ड वीजा कार्यक्रम भी शुरू किया है। इस योजना के तहत असाधारण योग्यता वाले विदेशी व्यक्ति अमेरिका में आने के लिए एक मिलियन डॉलर सरकार को देंगे। वहीं, यदि कोई कंपनी प्रायोजक बनती है, तो उसे 2 मिलियन डॉलर चुकाने होंगे। 

ट्रंप प्रशासन का जोर अवैध प्रवासन रोकने पर 
विल शार्फ ने कहा, 'ट्रंप प्रशासन ने हमेशा अवैध प्रवासन को रोकने और सीमा सुरक्षित करने पर जोर दिया है। लेकिन इसी के साथ असाधारण प्रतिभा वाले लोगों को अमेरिका में योगदान करने का नया रास्ता भी खोला जा रहा है। गोल्ड कार्ड वीजा इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।'
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योजना से अमेरिकी खजाने में आएंगे 100 बिलियन डॉलर 
वहीं, हॉवर्ड लुटनिक ने बताया कि पहले रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड योजना से हर साल 2.81 लाख लोग आते थे, जिनकी औसत आय 66,000 डॉलर होती थी। इनमें से कई लोग सरकारी सहायता योजनाओं पर निर्भर हो जाते थे। यानी हम निचले स्तर के लोग ला रहे थे। अब हम केवल शीर्ष स्तर के, असाधारण लोग लाएंगे, जो नौकरियां छीनेंगे नहीं बल्कि नई नौकरियां और कारोबार पैदा करेंगे। इस योजना से अमेरिकी खजाने में 100 बिलियन डॉलर से अधिक की कमाई होगी।

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