अमेरिका में पांच नवंबर को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में रिपब्लिकन की ओर से डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेट्स की तरफ से कमला हैरिस मैदान में हैं। एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस बीच, ट्रंप ने उपराष्ट्रपति हैरिस के सामने अगले महीने तीन बहस करने का प्रस्ताव रखा है। दरअसल, भारतवंशी डेमोक्रेटिक नेता के चुनावी मैदान में उतरने के बाद उनकी लगातार बात हो रही है। इससे ध्यान हटाने की पूर्व राष्ट्रपति कोशिश कर रहे हैं।
हैरिस को आधिकारिक उम्मीदवारी मिले 18 दिन हो चुके हैं। तबसे वह रिकॉर्ड धन जुटा चुकी हैं और रिपब्लिकन उम्मीदवार की बढ़त को कम कर दिया है। इससे कहीं ना कही डेमोक्रेटिक की जीत का रास्ता खुल गया है। देश की पहली महिला, अश्वेत और दक्षिण एशियाई उपराष्ट्रपति अगस्त के मध्य में शिकागो में अपनी पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हुईं, जिन्होंने एक सकारात्मक संदेश के लिए प्रशंसा हासिल की है।
मैं बहस के लिए तैयार
इस बीच, ट्रंप ने खुद को एक तरह से मूकदर्शक की तरह पाया, जो हैरिस की बढ़ती प्रशंसा से प्रभावित थे। उन्होंने अपना प्रचार अभियान भी कम कर दिया था। पूर्व राष्ट्रपति ने फ्लोरिडा में पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा, ' मैं चार, 10 और 25 सिंतबर को टीवी पर बहस करने के लिए तैयार हूं। मुझे उम्मीद है कि वह सहमत होंगी।'
ट्रंप ने कई झूठे दावे किए
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वियों पर पहले की तरह ही हमले जारी रखे। उन्होंने बार-बार पूर्व राज्य अटॉर्नी जनरल और अमेरिकी सीनेटर की बुद्धि पर सवाल उठाए तथा कई बार झूठ भी बोला। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव और कार्यालय में अपने रिकॉर्ड से संबंधित सभी तरह के विषयों पर झूठे दावे किए, जिनमें गैसोलीन की कीमत से लेकर उनकी भीड़ के आकार, अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की मौत और उनके समर्थकों द्वारा 2021 में यूएस कैपिटल में विद्रोह शामिल हैं।
इतना ही नहीं उन्होंने पत्रकारों को आश्वासन दिया कि पांच नवंबर को होने वाले मतदान के बाद सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण होगा, लेकिन सवाल उठाया कि क्या चुनाव ईमानदार होगा और दावा किया कि कैपिटल में हुए घातक दंगे के बावजूद पिछला हस्तांतरण शांतिपूर्ण रहा था।
अभियान में बदलाव की जरूरत नहीं: ट्रंप
यहां तक कि ट्रंप ने इस बात से भी साफ इनकार कर दिया कि 21 जुलाई को राष्ट्रपति जो बाइडन की जगह हैरिस के चुनावी मैदान में आने के बाद उन्हें अपने अभियान में बदलाव करने की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा, 'उनकी वही नीतियां हैं, खुली सीमाएं और अपराध पर कमजोर। मुझे लगता है कि वह बाइडन से भी बदतर हैं।'
10 सितंबर को पहले से निर्धारित एबीसी प्रेसिडेंशियल डिबेट से ट्रंप के पीछे हटने पर प्रतिद्वंद्वी ने निशाना साधा था। रिपोर्ट में कहा गया कि दोनों उम्मीदवार अब आमने-सामने होने के लिए सहमत हो गए हैं।