पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को इस्राइल और हमास के बीच चल रहे संघर्ष की तुलना स्कूल के मैदान में लड़ रहे दो बच्चों से की। उन्होंने कहा कि इस्राइल पर मंगलवार को हुए रॉकेट हमले जैसी घटनाएं कभी नहीं होनी चाहिए थीं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका मध्य पूर्व की स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।
ट्रंप के निशाने पर कमला हैरिस
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, यह वास्तव में बहुत बुरा है, लेकिन उन्हें यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसे स्कूल के मैदान में दो बच्चों के बीच लड़ाई की तरह समझें। कभी-कभी आपको इसे छोड़ देना चाहिए। हम देखेंगे कि आगे क्या होता है।
उन्होंने कहा कि, लेकिन यह एक भयानक युद्ध है और आप देख सकते हैं कि आज क्या हो रहा है। आप जानते हैं, यह कहां रुकने वाला है? आप इन ताकतों को देखिए। उन्होंने आज लगभग 200 रॉकेट मार गिराए। लेकिन यह वह तरीका नहीं है जिस तरह से किसी को जीना चाहिए। इसलिए हम स्पष्ट रूप से मध्य पूर्व में जारी संघर्ष में शामिल होने जा रहे हैं। ऐसा कभी नहीं हुआ होता।
'दुनिया वैश्विक तबाही के करीब'
ईरान ने मंगलवार को इस्राइल पर करीब 200 मिसाइलें दागीं। इसे तेहरान द्वारा हिजबुल्ला प्रमुख हसन नसरल्ला की हत्या का जवाब माना जा रहा है। अधिकांश मिसाइलों को इस्राइल ने अमेरिकी सेना और अन्य एजेंसियों की मदद से रोककर नष्ट कर दिया। हमले के तुरंत बाद कल डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और कमला हैरिस की आलोचना की। उन्होंने इस स्थिति को 'वैश्विक तबाही के करीब' बताया है।
जो बाइडन और कमला हैरिस पर निशाना साधते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि, दुनिया इस समय नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। कुछ समय पहले, ईरान ने इजरायल पर 200 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं और हम वैश्विक तबाही के और करीब आ गए हैं। हमारे पास एक गैर-मौजूद राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति हैं, जिन्हें प्रभारी होना चाहिए, लेकिन वह सैन फ्रांसिस्को में धन उगाही वाले कार्यक्रमों में जा रहे हैं। इस वक्त कोई भी प्रभारी नहीं है और यह भी साफ नहीं है कि कौन ज्यादा भ्रमित है जो बाइडेन या कमला हैरिस।
ट्रंप ने दावा किया कि, मैं राष्ट्रपति था, तब ईरान के पास कोई पैसा नहीं था। अब उनके पास 300 बिलियन डॉलर हैं। मेरे प्रशासन के तहत हमारे पास मिडिल ईस्ट में कोई युद्ध नहीं हुआ था, यूरोप में कोई युद्ध नहीं था, और एशिया में सद्भाव था। कोई मुद्रास्फीति नहीं थी। कोई अफगानिस्तान आपदा नहीं थी। चारों तरफ शांति थी। अब युद्ध या युद्ध का खतरा हर जगह व्याप्त है और हमारे देश को दो अक्षम लोग चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये हमें तीसरे विश्व युद्ध के कगार पर ले जा रहे हैं।