अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को 2016 के अमेरिकी चुनाव में रूसी हस्तक्षेप की जांच करने वाले कानूनविदों के सामने झूठ बोलने और गवाहों को प्रभावित करने के लिए दोषी ठहराए गए अपने लंबे समय के दोस्त और सलाहकार रोजर स्टोन की सजा को कम करने को कहा।
वहीं व्हाइट हाउस का कहना है कि रूस के साथ ट्रंप अभियान या ट्रंप प्रशासन के बीच कभी कोई मिलीभगत नहीं थी। इस तरह की मिलीभगत 2016 के चुनाव के परिणाम को स्वीकार करने में असमर्थ पक्षपातियों की एक कल्पना के अलावा कुछ भी नहीं है।
व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा, 'रोजर स्टोन पहले काफी परेशानी झेल चुके हैं। उनके साथ बहुत ही गलत व्यवहार किया गया, क्योंकि इस मामले में कई अन्य लोग भी शामिल थे। रोजर स्टोन अब एक स्वतंत्र व्यक्ति हैं।'
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67 साल के रोजर को मंगलवार को जॉर्जिया के जेसप में स्थित फेडरल जेल में रिपोर्ट करने को कहा गया है। जहां उन्हें तीन साल और चार महीने की सजा काटनी होगी। उन्हें यह सजा 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हस्तक्षेप को लेकर जांचकर्ताओं के सामने झूठ बोलने को लेकर सुनाई गई है।
ट्रंप के साथ अनुभवी रिपब्लिकन की दोस्ती दशकों पहले की है। स्टोन ट्रंप के कई सहयोगियों में शामिल थे, जिसपर पूर्व विशेष वकील रॉबर्ट मुलर की जांच में आरोप लगाए थे। उन्होंने ट्रंप की उम्मीदवारी को बढ़ावा देने के लिए 2016 में रूसी हस्तक्षेप का दस्तावेजीकरण किया था। व्हाइट हाउस ने स्टोन के लिए क्षमादान के फैसले की घोषणा की।
व्हाइट हाउस का कहना है कि स्टोन रूसी झांसे का शिकार हैं। जिसे वामपंथी और मीडिया में मौजूद उनके सहयोगियों ने ट्रंप की राष्ट्रपति उम्मीदवारी को कमजोर करने की कोशिश की। ट्रंप का स्टोन की सजा को कम करना आपराधिक मामले में एक सहयोगी की रक्षा करने के लिए सबसे मुखर हस्तक्षेप को चिह्नित करता है।