अगली पीढ़ी के ये लड़ाकू विमान भविष्य के ड्रोन विमानों के बेड़े के क्वार्टरबैक के रूप में काम करेगें। इन्हें चीन और किसी भी अन्य संभावित दुश्मनों की वायु रक्षा में प्रवेश करने में सक्षम होने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
साउथ चाइना सी और टैरिफ के मुद्दे पर चीन से बढ़ते तनाव को देखते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ी रणनीति बनाई है। इसी रणनीति के तहत उन्होंने बोइंग के साथ एक अनुबंध किया है। इस अनुबंध के तहत अमेरिकी वायु सेना के लिए बोइंग अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान का निर्माण करेगी। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में शुक्रवार को इसका एलान किया।
विज्ञापन
प्रारंभिक अनुबंध का अनुमानित मूल्य 20 बिलियन डॉलर
बता दें कि अगली पीढ़ी के ये लड़ाकू विमान भविष्य के ड्रोन विमानों के बेड़े के क्वार्टरबैक के रूप में काम करेगें। इन्हें चीन और किसी भी अन्य संभावित दुश्मनों की वायु रक्षा में प्रवेश करने में सक्षम होने के लिए डिज़ाइन किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एफ-47 के वायु सेना के संस्करण के लिए प्रारंभिक अनुबंध का मूल्य अनुमानित 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर है।
सबसे उन्नत जेट- एफ-35 के उत्पादन में संघर्ष
ट्रंप द्वारा अनुबंध की घोषणा करने के बाद रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि यह हमारे सहयोगियों के लिए एक बहुत ही स्पष्ट, सीधा संदेश है कि हम कहीं नहीं जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, इस सौदे पर सवाल भी खड़े हुए हैं। आलोचकों ने इस सौदे की लागत और आवश्यकता पर सवाल उठाए हैं। क्योंकि पेंटागन अभी भी अपने सबसे उन्नत जेट, एफ-35 का पूरी तरह से उत्पादन करने के लिए संघर्ष कर रहा है।
बोइंग के शेयर में 4% की वृद्धि, लॉकहीड मार्टिन को नुकसान
इस समझौते से बोइंग को बड़ा फायदा हुआ है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार , इस खबर के बाद बोइंग के शेयर में 4% की वृद्धि हुई, जबकि बोली हारने वाली लॉकहीड मार्टिन के शेयरों में लगभग 7% की गिरावट देखी गई।