अमेरिका की एक संघीय अदालत ने भारत की एक केमिकल निर्माण कंपनी और उसके तीन वरिष्ठ अधिकारियों पर अवैध रूप से फेंटानाइल बनाने वाले केमिकल के आयात का आरोप लगाया है। बता दें कि, आंध्र प्रदेश के हैदराबाद में मौजूद वसुंधा फार्मा केम लिमिटेड और इसके तीन अधिकारियों को इस मामले में दोषी ठहराया गया है। फिलहाल अमेरिका ने इस मामले में भारतीय कंपनी और उसके अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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कंपनी ये कर्मचारी हैं आरोपी?
कंपनी के चीफ ग्लोबल बिजनेस ऑफिसर तनवीर अहमद मोहम्मद हुसैन पार्कर और मार्केटिंग डायरेक्टर वेंकट नागा मधुसूदन राजू मंथेना और मार्केटिंग प्रतिनिधि कृष्ण वेरीचार्ला पर फेंटानाइल केमिकल के अवैध आयात का आरोप लगा है। जबकि, गुरुवार को न्यूयॉर्क सिटी में तनवीर अहमद मोहम्मद हुसैन पार्कर और वेंकट नागा मधुसूदन राजू मंथेना को गिरफ्तार कर लिया गया।
कंपनी के अधिकारियों पर क्या हैं आरोप?
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, इन लोगों पर फेंटानाइल प्रीकर्सर केमिकल (वह केमिकल जिससे फेंटानाइल बनाया जाता है) के अवैध निर्माण और अमेरिका में अवैध आयात की साजिश रचने का आरोप है। विभाग के अनुसार, मार्च 2024 से नवंबर 2024 के बीच, इन आरोपियों ने एक गुप्त अमेरिकी एजेंट को दो बार 25 किलो फेंटानाइल बनाने वाले केमिकल बेचे। वहीं अगस्त-सितंबर 2024 में, इन लोगों ने 4000 किलो केमिकल (एन-बीओसी-4पी) बेचने की डील की, जिसमें से 2000 किलो मैक्सिको और 2000 किलो अमेरिका भेजने की योजना थी। इस सौदे की कीमत 3,80,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 3.1 करोड़ रुपये) थी।
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आरोपियों को क्या मिल सकती है सजा?
अगर तीनों आरोपियों पर लगे आरोप सही साबित होते हैं, तो सभी को 10-10 साल तक की जेल हो सकती है। वहीं भारत में मौजूद वसुंधा फार्मा कंपनी को सभी आरोप पर 5,00,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 4.1 करोड़ रुपये) का जुर्माना देना पड़ सकता है।
क्या है फेंटानाइल और अमेरिका में क्यों चिंता का विषय?
फेंटानाइल एक बेहद ताकतवर नशे वाली दवा है, जिसका इस्तेमाल दर्द निवारक के रूप में होता है। लेकिन अवैध रूप से बनाए गए फेंटानाइल से अमेरिका में नशे की लत और मौतों की घटनाएं बढ़ रही हैं। यही वजह है कि अमेरिका इस तरह के अवैध केमिकल के आयात पर कठोर कार्रवाई कर रहा है।