30 से अधिक देशों के राजदूतों और राजनयिकों ने अबू धाबी में बोचासनवासी श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) हिंदू मंदिर के निर्माणाधीन स्थल का दौरा किया। प्रगति का निरीक्षण करने, सद्भाव और मानवता पर चर्चा को बढ़ावा देने के लिए राजनयिक यहां पहुंचे।
यह मध्य पूर्व में पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर होगा। मंदिर की साजसज्जा में पत्थरों पर अद्भुत कलाकारी की जा रही है, इसमें दुनिया भर की संस्कृतियों, नक्काशी और कला की झलक देखने की मिलेगी। यह जानकारी यूएई में भारतीय दूतावास ने ट्वीट कर दी।
ये राजनयिक बृहस्पतिवार को संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत संजय सुधीर के विशेष आमंत्रण पर शामिल हुए। इनमें फिलीपीन बांग्लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्तान, जापान, इंडोनेशिया, इजरायल, ब्राजील, बेल्जियम, न्यूजीलैंड, कनाडा और नाइजीरिया के दूत और मिशन प्रतिनिधि शामिल थे। इसकी आधारशिला 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी।
खलीज टाइम्स अखबार ने बताया कि फिलीपींस, बांग्लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्तान, जापान, इंडोनेशिया, इजरायल, ब्राजील, बेल्जियम, न्यूजीलैंड, कनाडा और नाइजीरिया के दूत और मिशन प्रतिनिधि उन लोगों में शामिल थे, जिन्होंने मंदिर का दौरा किया था। सुधीर ने राजदूतों और उनके परिवारों को 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसकी आधारशिला रखने के बाद से मंदिर की प्रगति के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने मंदिर परियोजना को भारत और यूएई के बीच घनिष्ठ, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक बंधन के प्रतीक के रूप में वर्णित किया, जो रिपोर्ट के अनुसार शांति, सद्भाव, सहिष्णुता और सह-अस्तित्व के मूल्यों को साझा करते हैं। सुधीर ने यूएई के नेतृत्व की दृष्टि और विविध, शांतिपूर्ण और एकजुट समुदाय के निर्माण के लिए उनके प्रेरक प्रयासों की भी सराहना की।