पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की वरिष्ठ सहयोगी का कहना है कि पाकिस्तान भारत के साथ तनाव के बावजूद सिख श्रद्धालुओं के लिए करतारपुर कॉरिडोर का काम पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ये बात रविवार को कही।
पाकिस्तान ने करतारपुर गलियारे पर 'जीरो लाइन' से गुरद्वारा साहिब तक 90 फीसदी काम पूरा कर लिया है और इस साल नवंबर में गुरु नानक की 550वीं जयंती के मौके पर इसका उद्घाटन किए जाने की योजना है।
गलियारा पाकिस्तान के करतारपुर स्थित दरबार साहिब को गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे से जोड़ेगा। इससे भारतीय सिख श्रद्धालुओं को वीजा मुक्त आवागमन की सुविधा मिलेगी। इन श्रद्धालुओं को करतारपुर साहिब जाने के लिए केवल एक 'परमिट' प्राप्त करना होगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारत से तीर्थयात्रियों का पहला जत्था नौ नवंबर को पाकिस्तान पहुंचेगा।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की विशेष सहायक फिरदौस आशिक अवान ने एक के बाद एक ट्वीट करते हुए कहा कि करतारपुर सिखों के लिए एक पवित्र स्थान है और यह अंतरजातीय सद्भाव का आदर्श उदाहरण है। उन्होंने उन खबरों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया है कि भारत के साथ संबंधों में ताजा तनाव के कारण पाकिस्तान ने गलियारे के काम को रोक दिया है।
रेडियो पाकिस्तान ने अवान के हवाले से कहा है, बढ़ते चरमपंथ और असहिष्णुता की दुनिया में, करतारपुर गलियारा सम्मान और सहिष्णुता का संदेश देता है। अवान ने कहा कि भारत के साथ तय किए गए संदर्भ की शर्तों और शिड्यूल के अनुसार इस वर्ष नवंबर में गलियारे का उद्घाटन किया जाएगा।
भारत और पाकिस्तान के बीच पांच अगस्त के बाद से तनाव जारी है। इस दिन भारत ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के खंड दो और तीन को खत्म कर दिया है। इसके साथ ही राज्य को दो क्रेंद्र शासित प्रदेश- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख बना दिया गया है। तभी से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है।
पाकिस्तान से इस मामले का अंतरराष्ट्रीकरण करने की भी खूब कोशिशें की लेकिन उसे मुंह की खानी पड़ी। वहीं भारत शुरू से ही ये बात कहता आया है कि ये उसका आंतरिक मामला है।