शालोम क्रॉसिंग के निदेशक अमी शक
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कई हमलों के बावजूद इस्राइल गाजा पट्टी को मानवीय सहायता भेजना जारी रखेगा। यह सहायता करीम शालोम क्रॉसिंग के माध्यम से भेजी जा रही है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक इस्राइल ने इसके पीछे मानवाधिकार का हवाला दिया है। शालोम क्रॉसिंग के निदेशक अमी शेक ने कहा कि गाजा में अगर हम मदद न भेजें तो वहां के लोगों को किसी अन्य माध्यम से सहायता मिलना मुश्किल है। वहां के लोगों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
मानवीय सहायता जारी रखेंगे: शालोम क्रॉसिंग के निदेशक
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए, शेक ने कहा कि बहुत सी चीजें हैं जो हम उनकी जरूरत के लिए आपूर्ति करते हैं लेकिन रॉकेट और हथियार जो हमास और इस्लामिक जिहाद के हमले के माध्यम से आते हैं वे हमारे क्षेत्र में नुकसान कर रहे हैं। प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद, हमारे सैनिक और कार्यकर्ता हमास-नियंत्रित गाजा पट्टी को मानवीय सहायता की सुविधा प्रदान कर रहे हैं। बता दें कि करेम शालोम क्रॉसिंग पोस्ट गाजा पट्टी-इजरायल सीमा के जंक्शन पर है जहां से इस्राइल भोजन, तेल, रसोई गैस, दवाएं और फल जैसी मानवीय सहायता गाजा पट्टी को भेजता है।
हम गाजा के लोगों की जरूरत को समझते हैं: शेक
हमें पता है कि गाजा के लिए कोई अन्य रास्ता नहीं है न ही वहां के लोगों की मदद करने के लिए कोई और देश आगे आता है। शेक ने कहा कि हम अभी भी मानवीय सहायता प्रदान करना जारी रखते हैं क्योंकि हम गाजा पट्टी में लोगों की जरूरत को समझते हैं। शेक ने कहा कि यह रॉकेट के टुकड़े नहीं इस्लामिक जिहाद के कुछ टुकड़े हैं जो हमें नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
नेतन्याहू के चुने जाने के बाद गाजा ने इस्राइल के शहरों पर किया था हमला
बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा इस्राइल का चुनाव जीतने के कुछ ही समय बाद गाजा पट्टी की ओर से इस्राइल के शहरों पर चार रॉकेट दागे गए। जिनमें से एक को आयरन डोम वायु रक्षा प्रणाली द्वारा रोक दिया गया। द टाइम्स ऑफ इस्राइल की रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में इस्राइली रक्षा बलों ने कहा कि वे आयरन डोम वायु रक्षा प्रणाली के बारे में स्पष्ट नहीं थे, लेकिन बाद में अपने बयान की पुष्टि की।