कोरोना महामारी से जूझ रही दुनिया में भले ही एक समय बाद यह वायरस चला जाए, मगर इसका असर अरसे तक बना रहने वाला है। लोगों की लंबे समय तक शारीरिक और मानसिक सेहत खराब रह सकती है। कोरोना के जाने के बाद भी लोग अरसे तक चिड़चिडे़पन, डर या अवसाद से जूझ सकते हैं। खासकर यह उन इलाकों के लिए और भी खतरनाक साबित हो सकता है, जहां की आबादी कोरोना से ज्यादा संक्रमित रही है। अमेरिका के एक अध्ययन में यह दावा किया गया है।
हालांकि, इस अध्ययन में महामारी के चलते होने वाले वित्तीय नुकसानों और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को शामिल नहीं किया गया है, जिसका सार्वजनिक स्वास्थ्य पर अहम प्रभाव पड़ता है। ये कारक भी अरसे तक लोगों को दिमागी तौर पर बीमार बनाते हैं।
शोधकर्ताओं ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण के प्रति लोगों की सुरक्षा बढ़ाने के प्रयासों को बढ़ावा देने के अलावा लोगों के दिलोदिमाग से चिंता और खौफ से निजात दिलाने की कोशिशें होनी चाहिए। साथ ही पूरक स्वास्थ्य सेवाओं को उन लोगों को प्रदान किया जाना चाहिए जो दुख में डूबे हुए हैं या महामारी से काफी डरे हुए हैं।