पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के आर्थिक सलाहकार रह चुके अर्थशास्त्री जेसॉन फरमैन ने वेबसाइट पॉलिटिको से कहा कि व्हाइट हाउस कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी से अर्थव्यवस्था के लिए पैदा हो रहे खतरों के प्रति सचेत है। उन्होंने कहा- ‘किसी भी समस्या से पांच से दस फीसदी तक ये संभावना रहती है कि वह अर्थव्यवस्था में सुधार की गति को पटरी से उतार दे। इसलिए उस पर निकट निगाह रखी जाती है।’ फरमैन मौजूदा प्रशासन के साथ भी जुड़े हुए हैं। व्हाइट हाउस से जुड़े दूसरे सूत्रों ने भी मीडिया से कहा है कि बाइडेन प्रशासन कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट के प्रसार से पैदा हो रही स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। इसीलिए राष्ट्रपति ने सभी अमेरिकियों से जल्द से जल्द टीका लगवाने की अपील फिर से की है।
पिछले हफ्ते वायरस के फैलाव की खबरों के कारण अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट आ गई थी। उसके बाद बाइडन ने कहा था- ‘हम सावधानी घटा नहीं सकते, खास कर डेल्टा वैरिएंट को देखते हुए ऐसा नहीं किया जा सकता, जो अधिक संक्रामक और खतरनाक है।’ गौरतलब है कि अमेरिका में नए संक्रमण के मामले हफ्ते पिछले मई के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए। इस बार संक्रमण के ज्यादातर शिकार कम उम्र के बच्चे हो रहे हैं, जिन्हें टीका लगाने की इजाजत अभी नहीं दी गई है। इसके अलावा ऐसे लोग भी संक्रमण का शिकार हुए हैं, जिन्होंने वैक्सीन के दोनों डोज लगवी ली थीं।
ऐसी खबरों के कारण अर्थव्यवस्था के लिए नई चिंताएं पैदा हुई हैं। अमेरिका के केंद्रीय बैंक- फेडरल रिजर्व की पूर्व अर्थशास्त्री क्लाउडिया सैहम ने कहा है- ‘अगर लोग सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे और इस कारण स्कूल या अपने काम पर जाना बंद कर देंगे, तो अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए खतरा पैदा हो ही जाएगा।’