नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर दिल्ली में हुई हिंसा पर अमेरिकी सांसदों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सांसद प्रमिला जयपाल ने कहा, भारत में धार्मिक असहिष्णुता बढ़ना भयावह है। लोकतांत्रिक देशों को विभाजन व भेदभाव बर्दाश्त नहीं करना चाहिए या ऐसे कानूनों को बढ़ावा नहीं देना चाहिए, जो धार्मिक स्वतंत्रता को कमजोर करते हों। सांसद एलन लोवेंथाल ने इसे नैतिक नेतृत्व की विफलता बताते हुए कहा, हमें भारत में मानवाधिकार पर खतरे के बारे में बोलना चाहिए।
वहीं, डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की दावेदार एलिजाबेथ वारेन ने कहा, भारत जैसे लोकतांत्रिक साझेदारों के साथ संबंधों को मजबूत करना अहम है, लेकिन हमें सच्चाई की बात करनी चाहिए, जिनमें धार्मिक स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की आजादी शामिल है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ हिंसा स्वीकार्य नहीं है। सांसद रशीदा तालिब ने कहा, इस सप्ताह ट्रंप भारत में थे लेकिन दिल्ली में असली खबर सांप्रदायिक हिंसा होनी चाहिए। इस पर हम चुप नहीं रह सकते।
अमेरिकी मीडिया ने भी दी तवज्जो