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Ali Khamenei Funeral: भारतीय धर्मगुरुओं ने पेश की खिराज-ए-अकीदत, US-इस्राइल के हमलों में मारे गए थे खामेनेई

Fri, 03 Jul 2026 04:23 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान।

सार

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे और सुपुर्द-ए-खाक की रस्में कई महीनों बाद शुरू हुई हैं, जिनमें तेहरान से लेकर इराक के नजफ और कर्बला तक बड़े आयोजन हो रहे हैं। उनके जनाजे में लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है और 9 जुलाई को उन्हें मशहद में दफनाया जाएगा। भारत के धर्मगुरुओं के प्रतिनिधिमंडल ने भी उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश किया है। पढ़िए रिपोर्ट-
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अली खामेनेई के जनाजे में शामिल हुए भारतीय धर्मगुरु - फोटो : एक्स/एएनआई/वीडियो ग्रैब
ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के कई महीनों बाद उनके जनाजे और सुपुर्द-ए-खाक की रस्में शुरू हो गई हैं। गम मना रहे लोग उनके जनाजे और कई दिनों तक चलने वाले अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। आज उनका जनाजा तेहरान लाया गया। ईरान और इराक के कम से कम पांच शहरों में बड़े समारोह आयोजित किए जाएंगे। उनके जनाजे को ईरान और पड़ोसी देश इराक के कई शहरों से ले जाया जाएगा।
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Ali Khamenei Funeral - फोटो : एएनआई/पीटीआई
28 फरवरी को हुई थी अली खामेनेई की मौत
अयतुल्ला अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी को हुई थी। उस दिन अमेरिका और इस्राइल ने मिलकर ईरान के खिलाफ जंग शुरू की थी। सरकारी अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को जनाजे में लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इस समारोह में कई विदेशी नेता और प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। जंग के कारण यह जनाजा पहले टाल दिया गया था।

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जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती भी जनाजे में शामिल हुईं - फोटो : पीटीआई/एएनआई
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने पेश की खिराज-ए-अकीदत
भारत के कई उच्चस्तरीय प्रतिनिधियों ने भी दिवंगत अली खामेनेई को खिराज-ए-अकीदत पेश की। ईरान के भारत स्थित दूतावास ने एक्स पर लिखा कि भारतीय धर्मगुरुओं ने खामेनेई को श्रद्धांजलि दी। इस प्रतिनिधिमंडल में पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद सहित अन्य लोग शामिल हैं। इसके बाद भारत सरकार का आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भी दिल्ली से रवाना हुआ, जिसमें विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन शामिल हैं।

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भारतीय धर्मगुरुओं का प्रतिनिधिमंडल जनाजे में शामिल हुआ - फोटो : एएनआई/पीटीआई
इराक के शहर नजफ और कर्बला ले जाया जाएगा जनाजा
तेहरान में आयतुल्ला अली खामेनेई के सार्वजनिक जनाजे की तैयारियां चल रही हैं। इसके बाद उनके जनाजे को इराक के मुकद्दस शहर नजफ और कर्बला ले जाया जाएगा। इसके बाद 9 जुलाई को उन्हें ईरान के उत्तर-पूर्वी शहर मशहद में इमाम रजा के रौजे में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। मशहद उनका पैदाइशी शहर भी है।
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जनाने में खिराज-ए-अकीदत पेश करते भारतीय धर्मगुरु। - फोटो : एएनआई/पीटीआई
ये सभी समारोह ऐसे समय हो रहे हैं, जब ईरान और अमेरिका के बीच जंग रोकने के लिए एक फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद दोनों देशों के बीच अस्थायी युद्धविराम लागू है।
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Ali Khamenei Funeral - फोटो : एएनआई (फाइल)
जनाजे में ईरान सरकार के तीनों अंगों के प्रमुख और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें सैन्य कमांडर मोहनस रेजाई, विदेश मंत्री अब्बास अराघची, मुख्य न्यायाधीश घोलामहोसैन मोहसनी एजेई, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन शामिल थे।
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Ali Khamenei Funeral - फोटो : एएनआई/पीटीआई
दुनियाभर से कई नेता इस जनाजे में शामिल हुए हैं। ईरान के सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, जॉर्जिया, इराक और ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख सहित कई वरिष्ठ नेता ईरान पहुंचे। हिजबुल्ला और अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों साथ ही चीन, बेलारूस, रूस और ओमान के प्रतिनिधिमंडलों ने भी अली खामेनेई की अंतिम विदाई में हिस्सा लिया।
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Ali Khamenei Funeral - फोटो : पीटीआई/एएनआई
इस बीच, सुरक्षा हालात को देखते हुए खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई जनाजे में शामिल नहीं होंगे। ईरान के विदेश मंत्री ने चेतावनी दी कि किसी भी धमकी का सख्त जवाब दिया जाएगा। सैन्य अधिकारियों ने भी कहा है कि शोक के दौरान किसी भी हमले पर कड़ा जवाब दिया जाएगा।
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