अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में कुछ गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं। इनमें रहस्यमयी काली त्रिकोणीय वस्तुएं दिखाई देने की कई घटनाओं का ब्योरा है। ये वस्तुएं अमेरिका के संवेदनशील सैन्य ठिकानों के ऊपर देखी गई थीं।
चश्मदीदों ने क्या देखा?
चश्मदीदों के अनुसार, इनमें से एक वस्तु करीब 1,800 मील प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ रही थी। इन वस्तुओं से कोई आवाज नहीं आ रही थी। उनसे धुआं या कोई अन्य गैस भी निकलती नहीं दिखी। इनकी चौड़ाई करीब 9 से 15 फीट होने का अनुमान लगाया गया।
तापीय जांच में इन वस्तुओं से लगातार एक जैसी गर्मी निकलने के संकेत मिले। हालांकि, इन वस्तुओं की कोई तस्वीर सार्वजनिक नहीं की गई है। इन्हें कब और कहां देखा गया था, इसकी जानकारी भी गोपनीय रखी गई है।
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क्या यह कोई अमेरिकी तकनीक है?
दस्तावेजों से कथित तौर पर पता चलता है कि अधिकारियों ने इन वस्तुओं के अमेरिकी तकनीक होने की संभावना को खारिज कर दिया था। लेकिन ये वस्तुएं कहां से आई थीं, इसका पता नहीं चल पाया है।
कहां से आईं ये वस्तुएं?
ये दस्तावेज यूएफओ से जुड़ी उन फाइलों का हिस्सा हैं, जिन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के तहत हाल ही में जारी किया गया है। हालांकि, इन दस्तावेजों से यह साबित नहीं होता कि ये वस्तुएं किसी दूसरे ग्रह से आई थीं।
इस मार्च में भी इसी तरह की घटना सामने आई थी। अमेरिका के एक सैन्य अड्डे के ऊपर संदिग्ध ड्रोन मंडराता दिखाई दिया था। जिस सैन्य अड्डे पर ड्रोन मंडरा रहा था, उस सैन्य अड्डे में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के आवास हैं। यही वजह थी कि इस घटना के बाद अमेरिका में हड़कंप मच गया था।
वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, वाशिंगटन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे फोर्ट मैकनेयर के ऊपर संदिग्ध ड्रोन दिखाई दिया। हालांकि, पता नहीं चल सकाकि यह ड्रोन कहां से आया था। इस घटना के बाद मार्को रुबियो और पीट हेगसेथ के आवास इस सैन्य अड्डे से स्थानांतरित करने की चर्चा शुरू हो गई थी।