पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से शुक्रवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां सार्वजनिक क्षेत्र के एक अस्पताल में उस वक्त हड़कंप मच गया जब छत से दर्जनों सड़े-गले शव मिलने की खबर सामने आई। इसको लेकर सोशल मीडिया पर भी हंगामा मचा हुआ है।
जांच के लिए छह सदस्यीय कमेटी का गठन
पंजाब के मुख्यमंत्री परवेज इलाही ने इस मामले का संज्ञान लिया है और मामले की जांच के लिए एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया है। विशेष स्वास्थ्य सचिव मुजमिल बशीर की अध्यक्षता वाली इस छह सदस्यीय समिति को जांच पूरी करने और जिम्मेदारी तय करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है।
मुख्यमंत्री के सलाहकार ने किया अस्पताल का दौरा
मुख्यमंत्री के सलाहकार चौधरी जमान गुर्जर ने गुरुवार को लाहौर से करीब साढ़े तीन सौ किलोमीटर दूर मुल्तान के निश्तर अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के मुर्दाघर की छत पर कई सड़े गले शव पाए। मुख्यमंत्री ने शवों के अंतिम संस्कार के आदेश दिए हैं और स्वास्थ्य अधिकारियों को इस मामले में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
'मेडिकल कॉलेज के छात्रों के प्रयोग के लिए रखे गए थे शव'
निस्तर मेडिकल यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर डॉ. मरियम अशरफ ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि उन्हें पुलिस विभाग से ये लावारिश और अज्ञात शव मिले हैं। इन्हें विभिन्न चिकित्सा प्रयोगों के लिए मुर्दाघर की छत पर रख दिया गया था। उन्होंने कहा कि इन शवों का उपयोग मेडिकल छात्रों के प्रयोगों के लिए किया जाता है और यह सरकार के निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाता है।
बलूच बोले- हमारे लापता लोगों के शव हो सकते हैं
अशरफ ने कहा कि यह असामान्य नहीं है, क्योंकि हड्डियों और खोपड़ी को आगे के चिकित्सा प्रयोगों के लिए निकाला जाता है। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुए। जिनमें से कई शव छप फेंके हुए देखे गए। सोश मीडिया पर बलूच अलगाववादी दावा कर रहे हैं कि ये उनके लापता लोगों के शव हो सकते हैं।
जांच समिति ने की अस्पताल पर कार्रवाई की मांग
पंजाब सरकार की जांच समिति ने रविवार को अस्पताल की छत पर लावारिस शवों के ढेर पर अपनी जांच समाप्त कर दी और लाशों को इस तरह से रखने के लिए निश्तार अस्पताल के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
रिपोर्ट के मुताबिक, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला जांच समिति की बैठक के दौरान लिया गया, जिसने अपनी रिपोर्ट पूरी कर पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव को भेज दी है। जांच रिपोर्ट में शवों को छत पर लाने और छोड़ने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है, क्योंकि उन्हें शवों को एक कमरे में रखना चाहिए था। 14 अक्टूबर को, अस्पताल के मुर्दाघर की छत पर कई अज्ञात और सड़ने वाले शव पड़े मिले।