अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) पर बहुत चालाकी से साइबर हमला किया गया है। सोमवार (स्थानीय समयानुसार) को अदालत ने कहा कि वह इस हमले से हुए नुकसान को कम करने के लिए जरूरी कदम उठा रही है।
इससे पहले 2023 में भी आईसीसी पर साइबर हमला हुआ था। आईसीसी अभी भी 2023 के साइबर हमले के असर से पूरी तरह उबर नहीं पाई है। उनके मुख्यालय में वाई-फाई अब तक पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है।
इस बार के हमले पर पाया काबू: अदालत
अदालत ने बताया कि इस बार की घटना पर काबू पा लिया गया है, लेकिन यह नहीं बताया कि इसका क्या असर हुआ या हमले के पीछे मकसद क्या था। अदालत ने एक बयान में कहा, 'अदालत-व्यापी प्रभाव विश्लेषण किया जा रहा है और घटना के किसी भी प्रभाव को कम करने के लिए पहले से ही कदम उठाए जा रहे हैं।' यह हमला पिछले सप्ताह हुआ था।
अदालत का कामकाज जारी रखने के लिए किए गए उपाय: अब्दुल्ला
अदालत के प्रवक्ता फदी अल अब्दुल्ला ने बताया कि अदालत का कामकाज जारी रखने के लिए सभी जरूरी उपाय किए गए हैं। यह साइबर हमला उस सप्ताह हुआ, जब हेग शहर में एक सम्मेलन केंद्र में 32 नाटो देशों के नेताओं की बैठक हो रही थी, जिसमें साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी। उस सम्मेलन में भी बहुत कड़ी सुरक्षा रखी गई थी।
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पहले भी जासूसी का निशाना बन चुकी है अदालत
अदालत ने यह बताने से इनकार कर दिया कि क्या किसी गोपनीय जानकारी से समझौता हुआ है या नहीं। आईसीसी कई देशों में बड़ी और संवेदनशील जांच कर रही है। अदालत पहले भी जासूसी का निशाना बन चुकी है।
2022 में रूसी जासूस की साजिश को किया था नाकाम
2022 में, एक डच खुफिया एजेंसी ने कहा कि उसने एक रूसी जासूस की साजिश को नाकाम कर दिया था, जो एक झूठी ब्राजीलियाई पहचान के साथ अदालत में एक प्रशिक्षु के रूप में काम कर रहा था। यह व्यक्ति यूक्रेन में रूस के युद्ध अपराधों की जांच को प्रभावित करना चाहता था। अदालत ने इस सिलसिले में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ युद्ध अपराध गिरफ्तारी वारंट जारी किया है, जिसमें उन पर यूक्रेन से बच्चों के अपहरण के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी का आरोप लगाया गया है।
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नेतन्याहू और गैलेंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने से हुआ विवाद
हाल ही में, इस्राइल और गाजा में हमास के बीच युद्ध को लेकर अदालत ने इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया, जिससे काफी विवाद हुआ। अमेरिका ने भी नाराजगी जताई और फरवरी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अदालत के मुख्य अभियोजक करीम खान पर प्रतिबंध लगाए थे। जून की शुरुआत में भी अमेरिका ने अदालत के चार जजों पर भी प्रतिबंध लगाए थे।
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