क्रोएशिया द्वारा यूरो मुद्रा अपनाने और शेगन क्षेत्र में शामिल होने को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि यूरो को अपनाने से क्रोएशिया की अर्थव्यवस्था को ऐसे समय में मदद मिलेगी जब फरवरी में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद से वैश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति बढ़ रही है, जिससे ईंधन और खाद्य कीमतों में वृद्धि हुई है।
क्रोएशिया को 1 जनवरी 2023 से पासपोर्ट मुक्त शेंगन क्षेत्र में शामिल हो गया। जिसके बाद उसने रविवार को यूरो को अपनी मुद्रा के रूप में अपना लिया है। 1 जनवरी, 2023 की आधी रात को करीब 40 लाख की आबादी वाले क्रोएशिया ने अपनी कुना मुद्रा को अलविदा कह दिया। इसी के साथ वह यूरोजोन का 20वां सदस्य देश भी बन गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाल्कन देश को यूरोपीय संघ में शामिल होने के लगभग एक दशक बाद यूरोप के पासपोर्ट-मुक्त शेंगन क्षेत्र में शामिल किया गया है।
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गौरतलब है कि शेंगन क्षेत्र में अभी तक 26 सदस्य देश थे, जिनके बीच आवाजाही के लिए पासपोर्ट की जरूरत नहीं थी यानी इन देशों के लोग एक दूसरे के यहां आ-जा सकते हैं, रह सकते हैं और काम भी कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें ना वीजा लेना होता है ना किसी परमिट की जरूरत होती है। इसमें अभी तक बुल्गारिया, रोमानिया, क्रोएशिया, आयरलैंड और साइप्रस ही ऐसे यूरोपीय संघ के सदस्य थे जो शेंगन के सदस्य नहीं थे।लेकिन अब क्रोएशिया को शेगन क्षेत्र में शामिल कर लिया गया है। वहीं, आइसलैंड, नॉर्वे, स्विट्जरलैंड और लिष्टनश्टाइन कुछ ऐसे देश हैं जो यूरोपीय संघ के सदस्य नहीं हैं लेकिन शेंगन इलाके में शामिल हैं।
क्रोएशिया के गृह मंत्री डैवर बाजनोविच ने इस फैसले पर खुशी जताई है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि अब यूरोप की यात्रा में कोई सीमा-बाधा नहीं होगी।
क्रोएशिया द्वारा यूरो मुद्रा अपनाने और शेगन क्षेत्र में शामिल होने को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि यूरो को अपनाने से क्रोएशिया की अर्थव्यवस्था को ऐसे समय में मदद मिलेगी जब फरवरी में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद से वैश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति बढ़ रही है, जिससे ईंधन और खाद्य कीमतों में वृद्धि हुई है। यूरो को अपनाने से क्रोएशिया को इस मुद्रा का इस्तेमाल करने वाले 19 अन्य देशों और यूरोपीय सेंट्रल बैंक के साथ गहरे वित्तीय संबंधों से होने वाले लाभ भी मिलेंगे।
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शेंगन सीमा रहित क्षेत्र में क्रोएशिया के शामिल होने से एड्रियाटिक राष्ट्र के प्रमुख पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। जो इसके सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 20 प्रतिशत है। हालांकि,तकनीकी मुद्दों के कारण हवाई अड्डों पर सीमा की जाँच 26 मार्च को ही समाप्त होगी।