कोरोना के कहर से जूझ रहे इटली से एक सुकून भरी और अच्छी खबर सामने आई है। कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद भी 101 साल के एक बुजुर्ग इस महामारी से उबरने में कामयाब हो गए हैं। पूरी दुनिया में ये सबसे उम्रदराज संक्रमित मरीज के ठीक होने का पहला मामला है।
खास बात यह है कि यह बुजुर्ग जब अपनी मां के गर्भ में थे, तब भी 1918 में फैली फ्लू की महामारी उनका बाल बांका भी नहीं कर पाई थी। 1919 में जन्मे मिस्टर पी की मां भी 1918 के फ्लू की महामारी में सुरक्षित बच गईं थीं, जिसने उस वक्त इटली के छह लाख लोगों की जान ले ली थी।
दरअसल, कोरोना के बारे में कहा जाता है कि इस वायरस का संक्रमण बुजुर्ग झेल नहीं पाते हैं, इसलिए यह खौफ बना रहता है कि घर के किसी बुजुर्ग को हो गया तो ठीक कैसे होंगे, लेकिन अब घबराने की बात नहीं है।
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, इटली के तटीय शहर रेमिनी के रहने वाले मिस्टर पी को कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए जाने के बाद अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा था।
बताया जा रहा कि मिस्टर पी बुजुर्ग संक्रमण से ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं। 101 साल के उस बुजुर्ग को मिस्टर पी का कोड नेम दिया गया है। मिस्टर पी को पिछले हफ्ते कोरोना वायरस के संक्रमण में पॉजिटिव पाए जाने के बाद रेमिनी के इनफर्म अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।
इटली में जगी उम्मीद की किरण
वहीं, रेमिनी के वाइस मेयर ग्लोरिया लिसी ने बताया कि अस्पताल में सब मिस्टर पी की ही बात कर रहे हैं। उनके ठीक होने से सबको उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है। लोग सोच रहे हैं कि जब 101 साल का बुजुर्ग ठीक हो सकता है तो वे क्यों नहीं। इटली में इस बीमारी से अब तक 80,00 से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 8,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।