पूरी दुनिया वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कहर से कहरा रही है। अब तक 9.93 करोड़ से अधिक लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं। वहीं कोरोना संक्रमण के चलते 21.30 लाख से अधिक लोगों की जान चली गई। ज्यादातर देशों में कोरोना वायरस की दूसरी लहर चल रही है। वहीं ब्रिटेन समेत तमाम देशों में कोरोना संक्रमण का नए स्ट्रेन के मामले देखने को मिले हैं। वहीं इन दिनों यूरोपीय देश फ्रांस ने महामारी की मार से परेशान होकर संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सार्वजनिक परिवहन में फोन पर बात करने और आपस में बातचीत करने पर रोक लगा दी है।
फ्रांस नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिसिन ने एक बयान जारी कर कहा कि फ्रांसीसी सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों को फोन पर या एक-दूसरे से बात करने से बचना चाहिए ताकि कोरोनोवायरस फैलने का खतरा कम हो। अकादमी के सदस्य पैट्रिक बर्शे ने शनिवार को कहा कि कोरोना संक्रमण के नए मामले लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसी स्थिति में लोगों को कोरोना बचाव संबंधी सभी नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए सार्वजनिक परिवहन में आपस में बात करने और फोन पर बात करने से बचना चाहिए।
नियमों का सख्ती से पालन करें
उन्होंने कहा कि यह एक बाध्यता नहीं है, यह एक सिफारिश है। कोरोना से निपटने की, देश को फिर से पटरी पर लाने की। उन्होंने कहा कि यात्री अक्सर सार्वजनिक परिवहन में बात करने के लिए मास्क को नीचे कर देते हैं या हटा देते हैं। यात्रियों को परिवहन में बात नहीं करनी चाहिए और कोरोना बचाव संबंधी सभी नियमों का पालन करना चाहिए।
पाबंदियां अभी जारी
बता दें कि फ्रांस में कोरोना वायरस से अब तक 3,035,181 संक्रमित हो चुके हैं। जबकि संक्रमण ने 72,877 से अधिक लोगों की जान ले ली है। कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित देशों की सूची में फ्रांस 6वें नबंर पर आता है, जहां कोरोना प्रसार को रोकने के लिए लंबा लॉकडाउन भी लगाया गया था। फ्रांस में नवंबर के अंत में लॉकडाउन हटने के बाद सभी दुकानों को शाम छह बजे तक खोलने की अनुमति दी गई है।