टोंगा के चेंबर ऑफ कॉमर्स और इंडस्ट्री के अध्यक्ष पाउला टाउमोइपियाउ ने कहा कि देश मार्च महीने में ही क्रूज जहाजों को तट से दूर रोक रहा है। साथ ही हवाई अड्डे को बंद कर दिया है।उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आने के बावजूद सरकार ने लॉकडॉउन लगा दिया था। इन दिनों कोविड-19 जांच रिर्पोट निगेटिव आने के बाद ही लोगों को वापस आने दिया जा रहा है। बता दें कि टोंगा की कुल आबादी करीब एक लाख है।
निर्जन अंटार्कटिक महाद्वीप भी कोरोना मुक्त
इसके अलावा निर्जन अंटार्कटिक महाद्वीप भी एक मात्र कोरोना वायरस से मुक्त महाद्वीप है। यहां केवल विभिन्न देशों के अनुसंधानकर्ता ही आते हैं, लेकिन कोविड-19 की वजह से देशों ने इनकी संख्या कम कर दी है।
उत्तर कोरिया पर मामले छिपाने का आरोप
एकांतप्रिय और दुनिया से अलग-थलग रहने वाले उत्तर कोरिया में भी अब तक आधिकारिक रूप से कोविड-19 का एक भी मामला सामने नहीं आया है। यहां की कुल आबादी ढाई करोड़ है। यह आशंका है कि तानाशाह किम जोंग उन अपना बेहतर रिकॉर्ड दिखाने के लिए आंकड़ों को छिपा रहे हैं।
उत्तर कोरिया का कहना है कि वायरस को फैलने से रोकने का अभियान राष्ट्रीय अस्तित्व का मु्द्दा है। उसने सीमा पर यातायात को कड़ाई से रोका, पर्यटकों के आने पर रोक लगाई और नागरिकों की स्वास्थ्य जांच के लिए बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य कर्मियों को तैनात किया है। बता दें कि सितंबर में उत्तर कोरिया ने उसकी समुद्री सीमा में आ रहे एक दक्षिण कोरियाई अधिकारी को गोली मार दी थी और वायरस रोधी मानकों के तहत उसका शव तैरते अस्थायी मंच पर रखकर जला दिया था।
तुर्कमेनिस्तान में भी नहीं संक्रमण का मामला
उत्तर कोरिया की तरह तुर्कमेनिस्तान के भी इस दावे पर आशंका जताई जा रही है कि वहां पर अब तक कोरोना वायरस से संक्रमण का मामला नहीं आया है। करीब 60 लाख आबादी वाले मध्य एशियाई देश तुर्कमेनिस्तान का प्रशासन गोपनीयता बरतने वाला अधिनायकवादी है। हालांकि, उसने आंकड़ों को छिपाने के आरोपों का खंडन किया है।