दुनिया भर में कोरोना वायरस से अब तक दो लाख, 50 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। साथ ही संक्रमण के मामले भी बढ़कर 36 लाख के आसपास हो गए हैं। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए भारत के कई शहरों में घर से बाहर निकलते वक्त मास्क पहनना जरूरी कर दिया गया है हालांकि कोरोना से बचाने में मास्क कितने उपयोगी हैं, इस पर लंबे समय से बहस भी जारी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का भी मानना है कि मास्क सिर्फ उन्हीं लोगों को लगाना चाहिए, जिन्हें खांसी, सर्दी जैसी बीमारी हो। पूर्णत: स्वस्थ्य व्यक्ति बिना मास्क के रह सकता है।
चीन, ताइवान या हांगकांग जैसे एशियाई देशों में, कोरोनवायरस वायरस महामारी से पहले भी लोगों के चेहरे पर मास्क दिखना आम बात थी। SARS और H1N1 जैसी बीमारियों के पिछले अनुभव के कारण बड़ी आबादी मास्क का इस्तेमाल करते आ रही थी। भारत में भी प्रदूषण की वजह से कई शहरों में चेहरा ढककर बाहर निकलने की परंपरा रही है।