कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को परेशान कर दिया। देखते ही देखते कैसे एक अनजान बीमारी लाखों लोगों की जान ले लेती है, अबतक समझ से परे है। अब महामारी का रूप धर चुके कोविड-19 ने न सिर्फ जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया बल्कि लॉकडाउन की वजह से अर्थव्यस्था भी चौपट हो गई। हो सकता है दुनिया को पटरी में लौटने पर कम से कम छह महीने या ज्यादा का वक्त भी लग जाए। अब भविष्य को लेकर कई अनुमान लगाए जा रहे हैं। मसलन लॉकडाउन के दौरान घरों में बंद लोग कोरोना के खात्मे के बाद किस तरह सामाजिक दूरी बरकरार रखेंगे। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, मेट्रो, बस अड्डे जैसी दूसरी भीड़-भाड़ वाली जगहों पर लोगों का दृष्टिकोण समझने लायक होगा। उम्मीद है कि इस संकट के दौर के बाद नया सवेरा, एक बेहतर कल देखने को मिला।
कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को परेशान कर दिया। देखते ही देखते कैसे एक अनजान बीमारी लाखों लोगों की जान ले लेती है, अबतक समझ से परे है। अब महामारी का रूप धर चुके कोविड-19 ने न सिर्फ जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया बल्कि लॉकडाउन की वजह से अर्थव्यस्था भी चौपट हो गई। हो सकता है दुनिया को पटरी में लौटने पर कम से कम छह महीने या ज्यादा का वक्त भी लग जाए। अब भविष्य को लेकर कई अनुमान लगाए जा रहे हैं। मसलन लॉकडाउन के दौरान घरों में बंद लोग कोरोना के खात्मे के बाद किस तरह सामाजिक दूरी बरकरार रखेंगे। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, मेट्रो, बस अड्डे जैसी दूसरी भीड़-भाड़ वाली जगहों पर लोगों का दृष्टिकोण समझने लायक होगा। उम्मीद है कि इस संकट के दौर के बाद नया सवेरा, एक बेहतर कल देखने को मिला।