यहूदी छात्रों के साथ भेदभाव के आरोप में ट्रंप प्रशासन ने यूसीएलए के 339 मिलियन डॉलर के रिसर्च फंड पर रोक लगाई
अमेरिकी ट्रंप प्रशासन ने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, लॉस एंजेलिस (यूसीएलए ) को मिलने वाले 339 मिलियन डॉलर (करीब 2,825 करोड़ रुपये) के रिसर्च फंड पर फ्रीज (रोक) लगा दी है। सरकार का आरोप है कि विश्वविद्यालय में यहूदी और इजरायली छात्रों के साथ भेदभाव, आरक्षण संबंधी नियमों का उल्लंघन और महिला खेलों में लैंगिक भेदभाव हुआ है। सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी सरकार ने यूसीएलए को बताया कि उसने नागरिक अधिकार कानून और संविधान के 14वें संशोधन का उल्लंघन किया है। आरोप है कि यूसीएलए ने जानबूझकर एक ऐसा माहौल बनने दिया जो यहूदी और इजरायली छात्रों के लिए असहज और भेदभावपूर्ण था।
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कौन-कौन सी एजेंसियों ने फंड रोका?
स्वास्थ्य विभाग (एचएचएस) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (एनआईएच) ने अकेले $240 मिलियन की फंडिंग रोक दी। नेशनल साइंस फाउंडेशन और ऊर्जा विभाग (डीओई) ने भी फंडिंग रोकने का निर्णय लिया। डीओई ने यह भी कहा कि यूसीएलए ने जातीय पहचान, पारिवारिक आय और जिप कोड को दाखिले में महत्व देकर नस्ल-आधारित आरक्षण को नए तरीके से लागू किया है, जो सुप्रीम कोर्ट के फैसले और कैलिफोर्निया के कानून के खिलाफ है।
यूसीएलए की प्रतिक्रिया
चांसलर जूलियो फ्रेंक ने इस फैसले को “बेहद निराशाजनक” बताया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से सैकड़ों शोध परियोजनाएं प्रभावित होंगी और हमारे वैज्ञानिकों का जीवन बदलने वाला कार्य खतरे में पड़ जाएगा। यूसीएलए ने हाल ही में यहूदी छात्रों और एक प्रोफेसर के साथ हुए भेदभाव के मामले में 6 मिलियन डॉलर का समझौता किया। आरोप था कि 2024 में प्रोपैलेस्टीनियन प्रदर्शनकारियों ने यहूदी छात्रों को कक्षाओं और कुछ क्षेत्रों में जाने से रोका और यूसीएलए इसे रोकने में असफल रहा।