बड़ी संख्या में बसें जुटाना, प्रतिबंधित क्षेत्रों में यात्रा अनुमति लेने का काम चीन मिशन में मौजूद उप-राजदूत अक्विनो विमल और फर्स्ट सेक्रेट्री प्रियंका सोहोनी ने संभाला। दोनों ने चीन की केंद्रीय, राज्य और क्षेत्रीय सरकार अनुमतियां जुटाईं। भारतीय वुहान में 40 अलग-अलग जगहों पर इकट्ठे किए गए।
फिर भी आसान नहीं थी राह
इतना सब होने के बावजूद वहां से निकलना कठिन था। वुहान के लोग बाहर न निकल सकें इसके लिए वहां की सड़कें खोद दी गई हैं। हालांकि बसों को इन्हीं क्षतिग्रस्त सड़कों से निकाला गया और इसमें दो दिन लगे। सभी 647 भारतीयों को वुहान एयरपोर्ट लाया गया। एयर इंडिया ने बी747 विमान उस क्षेत्र में भेजे जहां 900 लोगों की मौत इस वायरस से हो चुकी है और 40 हजार लोग संक्रमित हैं। पहली उड़ान में 324 और दूसरी में 323 भारतीयों व सात मालदीव के नागरिकों को बचाया गया।
80 भारतीय अभी हुबेई में
इस दौरान 10 भारतीय तेज बुखार के चलते विमान से चढ़ने से रोके गए थे। इन्हें मिलाकर कुल 80 भारतीय हुबेई में हैं। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास इनसे ई-मेल और फोन के जरिए संपर्क में है। चीन सरकार उन्हें जरूरी सामान मुहैया करवा रही है।