केंद्र सरकार कर रही है रोज समीक्षा : हर्ष वर्धन
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा कि कोरोना संकट उत्पन्न हालात से निपटने के लिए कई कदम उठाये जा रहे हैं और स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में गठित एक मंत्रिसमूह (जीओएम) रोजाना आधार पर समीक्षा कर रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने चीन में नोवेल कोरोना वायरस के प्रकोप के संबंध में भारत सरकार के कदमों के बारे में लोकसभा में खुद से बयान दिया। उन्होंने कहा कि कैबिनेट सचिव ने स्वास्थ्य, रक्षा, विदेश, नागर विमानन, गृह, वस्त्र, फार्मा, वाणिज्य आद सभी संबंधित मंत्रालयों और राज्यों के मुख्य सचिवों सहित अन्य अधिकारियों के साथ दैनिक समीक्षा की है। स्वास्थ्य मंत्रालय ताजा स्थितियों की निरंतर समीक्षा कर रहा है।
डर की मानसिकता बन रही है: जावेड़कर
नई दिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सोमवार को कहा कि कोरोना वायरस को लेकर भय की मानसिकता बन रही है। उन्होंने इस सुझाव को खारिज कर दिया कि प्रवासी पक्षी इसके फैलने का कारण हो सकते हैं। गुजरात में अगले सप्ताह आयोजित होने वाले जंगली जानवरों के प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण पर कन्वेंशन ऑफ पार्टीज (सीओपी) के 13 वें सम्मेलन से पूर्व जावड़ेकर ने कहा कि प्रवासी पक्षियों और वायरस के बीच कोई संबंध नहीं है। जहां तक पक्षियों और जानवरों की बीमारियों या वायरस का सवाल है, सम्मेलन इन मुद्दों पर चर्चा करेगा
50 हजार पीपीई किट के बरक्स मौजूद हैं 20 हजार किटें
केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस की समस्या को देखते हुए डॉक्टरों और चिकित्सा स्टाफ के लिए कम से कम 50,000 व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट की आवश्यकता का अनुमान लगाया है। हालांकि अभी आधी से भी कम किटें मौजूद हैं। पीपीई में मास्क, आंखों की आई शील्ड, जूते का कवर, गाउन और दस्ताने शामिल होते हैं जो डॉक्टर मरीजों का इलाज करते समय पहनते हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार अभी तक, पीपीई सहित लॉजिस्टिक्स के पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध हैं। राज्य सरकारों को भी इस मुद्दे पर आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वर्तमान में पीपीई की कमी जैसा कोई संकट नहीं है। लेकिन, पहले से ही पर्याप्त मात्रा में पीपीई रखना एक बेहतर तरीका है। भारत में कुछ ही कंपनियां हैं जो पीपीई के विनिर्माण, निर्यात और आयात से संबंधित हैं।