वैज्ञानिकों को पहले शक था कोरोनावायरस सांप और चमगादड़ों से आया है पर अब नई खोज में पता चला है कि इसमें वन्य जीव पैंगोलिन की भी भूमिका हो सकती है। शोध करने वाले दक्षिण चीन कृषि विश्वविद्यालय ने अपनी वेबसाइट पर एक बयान में कहा है कि उनका नवीनतम शोध के जरिए कोरोना के वायरस की रोकथाम और नियंत्रण किया जा सकता है।
चीन में इस बीमारी से अब तक 636 लोगों की मौत हो चुकी है और 31 हजार से अधिक लोग प्रभावित हैं। रिसर्च से पता चला है कोरोना के स्ट्रेन का जीनोम, पैंगोलिन से मिले जीनोम से 99 प्रतिशत मिलता है। चीन की आधिकारिक न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार रिसर्च के मुताबिक पैंगोलिन के जरिए मनुष्य में इस बीमारी के आने की संभावना सबसे अधिक है।
लाखों में बिकता है एक पैंगोलिन
पैंगोलिन दुनिया का शल्क वाला एक मात्र स्तनधारी जीव है। एशिया के कई देशों में इसे खाने और दवाओं के इस्तेमाल किया जाता है। जानकारों के अनुसार वैश्विक बाजार में इसकी कीमत दस से बारह लाख रुपये है जबकि भारत में इसे तस्करी के जरिए 20 से 30 हजार रुपये में बेचा जाता है।
पैंगोलिन एशिया का सबसे ज्यादा तस्करी किया जाना वाला जीव है। अंतरराष्ट्रीय कानूनों में इस जीव को संरक्षण दिया है। इसके मांस को चीन में बहुत स्वादिष्ट माना जाता है और इसके शरीर के शल्कों का परंपरागत औषधि को बनाने में इस्तेमाल होता है। लोगों को विश्वास है कि इससे नपुंसकता दूर होती है। इसके अलावा इससे अंधविश्वासों से भी जोड़ कर भी देखा जाता है।
चीन का नहीं रुकेगा आर्थिक विकास: शी जिनफिंग
चीनी राष्ट्रपति शी जिनफिंग ने अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप से कहा है कि कोरोनावायरस की वजह से चीन के दीर्घावधि वाले आर्थिक विकास पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। जिनफिंग ने टेलीफोन के जरिए हुए बातचीत में उनसे कहा कि चीनी अर्थव्यवस्था का सकारात्मक ट्रेंड लंबे समय में नहीं बदलेगा।
उधर जापान के तट पर रुके पर्यटन जलयान में कोरोना वायरस से प्रभावित लोगों की संख्या 61 पहुंच गई है। इसमें 3700 यात्री सवार हैं। यूरोप के देशों में इस बीमारी से पीड़ित लोगों की संख्या अब 31हो गई है।