चीन के वुहान शहर से फैले कोरोनावायरस से अब तक 638 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, इस वायरस के कारण वुहान के चिड़ियाघर में पक्षियों और जानवरों की खाने की पूर्ति पर भी बुरी तरह असर पड़ा है। कोरोनावायरस चीन के साथ-साथ पूरी दुनिया में कहर बरपा रहा है। अभी तक इस वायरस से 31,000 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हो चुकी है।
कोरोनावायरस के दिसंबर में हुबेई प्रांत में फैलने के बाद से वायरस को मानव से मानव में फैलने से रोकने के लिए अधिकारियों द्वारा पूरे प्रांत को बंद कर दिया गया था। इस कारण वुहान चिड़ियाघर में जानवरों के लिए भोजन की कमी हो गई।
चीन के दैनिक अखबार 'चाइना डेली' ने शुक्रवार को बताया कि वायरस के कारण वुहान चिड़ियाघर में जानवरों को भोजन की कमी से जूझना पड़ रहा है। लेकिन जानवर प्रेमी लोगों के प्रयासों के चलते इस समस्या को कुछ हद तक हल कर लिया गया।
गौरतलब हो कि वायरस को लेकर बहस चल रही है कि पक्षी और जानवर इसकी उत्पत्ति का कारण हो सकते हैं। चीनी स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने तर्क दिया कि वायरस की उत्पत्ति चमगादड़ की वजह से हुई है, लेकिन चमगादड़ और मनुष्यों के बीच इसके फैलाव पर कुछ कहने के लिए अभी जांच की जरूरत हैं। वहीं, कुछ रिपोर्टों में इसके फैलाव के लिए सांपों को जिम्मेदार ठहराया गया है। माना जा रहा है कि यह वायरस वुहान के हुनान सीफूड होलसेल मार्केट से फैला है।
चिड़ियाघर प्रशासन ने बताया कि जब जानवरों के मदद के लिए लोगों से अपील की गई तो जलीय उत्पादों पर रहने वाले जानवरों के भोजन की आपूर्ति कुछ हद तक स्थिर हो गई। उन्होंने बताया कि चिड़ियाघर के सोशल मीडिया अकाउंट से एक फरवरी को नोटिस जारी किया गया, जिसमें बताया गया कि कुछ पक्षियों, जैसे पेंगुइन, क्रेन और पेलिकन साथ ही जलीय जानवरों को खाने की गंभीर कमी है।
इसके बाद देश भर से जानवर प्रेमी चिड़ियाघर की मदद के लिए आगे आए। लोगों ने जानवरों के खाने के लिए कई तरह के भोजन चिड़ियाघर को भेजे। वहीं, स्थानीय बाजार से भी दुकानदारों ने जानवरों को भोजन भेजा।
कोरोनोवायरस के प्रसार को रोकने के लिए चीन और दुनिया भर के देश हाथ-पांव मार रहे हैं। चीन के अलावा, हांगकांग और फिलीपींस में दो मौतें हुई हैं। जर्मनी, ब्रिटेन और इटली के अलावा, वायरस के मामलों वाले अन्य यूरोपीय देशों में फ्रांस, रूस, बेल्जियम, स्वीडन, फिनलैंड और स्पेन शामिल हैं।