कोरोना महामारी से बुरी तरह प्रभावित अमेरिका में वायरस अब तेजी से बच्चों को अपना शिकार बनाने लगा है। वायरस का यह रूप दुनिया के लिए खतरे की घंटी हो सकती है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (एएपी) की रिपोर्ट के अनुसार बीते सप्ताह 11 से 18 नवंबर के बीच 1,41,905 बच्चों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।
देश में भी बच्चों में बढ़ा संक्रमण
देश में कोरोना की रफ्तार भले धीमी है, पर बच्चों में संक्रमण के मामले बढ़ने लगे हैं। ओडिशा के स्कूल में 53 बच्चियों के साथ 22 एमबीबीएस छात्रों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। जयपुर के जयश्री पेरिवाल इंटरनेशनल स्कूल के बारह बच्चे मंगलवार को संक्रमित हुए हैं। वहीं, 17 नवंबर को ढाई साल के बच्चे की संक्रमण से मौत हो गई थी। गुजरात में 18 महीने में 0 से 14 वर्ष के 19 हजार बच्चे संक्रमित हुए हैं।
हर उम्र के बच्चों में बढ़ रहा संक्रमण
अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्सियश डिजीज के निदेशक डॉ. एंथनी फौसी माना कि हाल के दिनों में संक्रमण की दर हर उम्र के बच्चों में बढ़ रही है, जो चिंताजनक स्थिति है।
कई तरह के वायरस हमारे बीच
डॉ. एंथनी फौसी का कहना है कि हमारे आसपास कई तरह के वायरस घूम रहे हैं। बच्चों को लेकर सबसे ज्यादा सावधानी बरतनी होगी अन्यथा हालात एक बार फिर से बिगड़ सकते हैं।
भर्ती होने की जरूरत बेहद कम
एएपी की रिपोर्ट के अनुसार वयस्कों की तुलना में संक्रमित बच्चों को अस्पताल में भर्ती होने की नौबत कम आ रही है। राज्यों के आंकड़ों पर गौर करें तो संक्रमण की चपेट में आने वाले बच्चों में से 1.7 से 4.0 फीसदी बच्चों को अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ रही है। हालांकि, संक्रमण की गति बढ़ने पर भर्ती होने वाले बच्चों की संख्या बढ़ सकती है।